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नालंदा मिड-डे मील कांड के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग, प्रभारी शिक्षिका से 24 घंटे में जवाब तलब, खाने की गुणवत्ता जांच के लिए दिए गए विशेष निर्देश

Bihar School News:नालंदा मिड-डे मील कांड में शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

Nalanda Mid-Day Meal Row DEO Seeks Reply From Teacher in 24
शिक्षा विभाग का सख्त रुख- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar School News: बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद चिंताजनक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां स्कूल में परोसे गए मध्याह्न भोजन ने बच्चों की सेहत पर कहर बनकर हमला कर दिया। नारनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कोला में 20 मई 2026 को मिड-डे मील खाने के बाद 50 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। कई बच्चे स्कूल परिसर में ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि स्कूल में बच्चों को छोले-चावल परोसा गया था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते एक-एक कर कई बच्चे जमीन पर लुढ़कने लगे। स्कूल में चीख-पुकार मच गई और सूचना मिलते ही अभिभावक दौड़ते हुए स्कूल पहुंचे। कुछ माता-पिता अपने बच्चों को गोद में उठाकर अस्पताल की ओर भागते नजर आए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। हिलसा एसडीओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की निगरानी शुरू की। बीमार बच्चों का तत्काल इलाज कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

इस घटना के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी प्राथमिकाध्यापिका रजनी कुमारी को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मिड-डे मील योजना के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती गई और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता दिखाई गई है। चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भोजन की गुणवत्ता की सही तरीके से जांच नहीं की गई थी और बच्चों की शुरुआती शिकायतों को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। इस लापरवाही ने पूरे मिड-डे मील सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद नालंदा जिले में शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष निर्देश जारी कर दिए हैं। अभिभावकों में भारी नाराजगी है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों की जिंदगी के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।