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EID UL Fitr 2025: नालंदा के इस गांव में आज मनाई जा रही है ईद -उल -फितर,यहां एक दिन पहले मनाया जाता है तेहवार , जानिए क्या है पूरा मामला

EID UL Fitr 2025:जहां पूरे देश में ईद सोमवार को मनाई जाएगी, वहीं बिहार के नालंदा के एक गांव में आज ईद मनाई जा रही है.....

Nalanda EID UL Fitr 2025

EID UL Fitr 2025: जहां पूरे देश में ईद सोमवार को मनाई जाएगी, वहीं बिहार के नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड के बड़ाकर समेत कुछ गांवों में आज ही ईद की रौनक देखने को मिली। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रविवार को ही मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा कर गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।


अब सवाल उठता है कि जब पूरे देश में ईद सोमवार को है, तो इन गांवों में एक दिन पहले ही ईद क्यों मनाई जाती है? दरअसल, इन गांवों के अधिकतर लोग सऊदी अरब में काम करते हैं और हर साल ईद के मौके पर अपने वतन लौटते हैं। सऊदी अरब में चांद देखने के आधार पर ईद तय होती है, और वहां के मुताबिक यह लोग अपनी परंपरा को निभाते हुए एक दिन पहले ही ईद का जश्न मना लेते हैं।

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बांग्लादेश में इस्लामिक फाउंडेशन की मून साइटिंग कमिटी ये तय करती है कि मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार ईद-उल-फितर किस दिन मनाया जाए। आमतौर पर ये कमिटी रमज़ान के 29वें दिन दोपहर में बैठक कर ईद-उल-फितर के दिन को तय करती है। अगर रमज़ान के 29वें दिन देश में कहीं भी चांद दिखता है तो फाउंडेशन उसके अगले दिन ईद का एलान करता है और अगर ऐसा नहीं होता है तो रमज़ान के पूरे तीस दिन पूरे होने के बाद ईद मनाई जाती है। आमतौर पर सऊदी अरब में ईद के एक दिन बाद बांग्लादेश में ईद मनाई जाती है। कुछ जगहों पर सऊदी अरब के साथ ही ईद मना लिया जाता है।  


आज बड़ाकर और आसपास के गांवों चहल पहल देखने को मिल रहा है। घरों से सिवइयों की खुशबू आ रही है। बच्चों की मुस्कुराहट और बड़ों की दुआओं से माहौल खुशनुमाा है। मस्जिदों और ईदगाहों में ईद की नमाज अदा करने के बाद सभी ने आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया।

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जहां पूरा गांव ईद के रंग में रंगा है, नए कपड़ों में सजे बच्चे दौड़ते-भागते नजर आ रहेे हैं, और हर घर से ‘ईद मुबारक’ की सदाएं गूंज रहीं है। ईद के इस खास अंदाज ने एक बार फिर दिखा दिया कि त्योहार सिर्फ तारीखों से नहीं, बल्कि अपनत्व और खुशियों से मनाए जाते हैं!

रिपोर्ट- राज पाण्डेय