LATEST NEWS

  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे मदद,  मानवीय पहल की लोग कर रहे सराहना
  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे

  • DM Kumar Gaurav Balances Navratri Duty and Devotion
  • Bihar News:मुजफ्फरपुर में सुरक्षा की कमान भी, मां की भक्ति भी, DM कुमार गौरव ने परिवार संग मां

  • Patna Ravan Dahan
  • Patna Ravan Dahan:पटना में रावण दहन से पहले हाई अलर्ट, गांधी मैदान में हो रही सघन जांच

  • Bihar News: कन्या पूजन के दिन झाड़ियों में फेंकी गई नवजात कन्या,थानेदार ने दिखाई इंसानियत, गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल
  • Bihar News: कन्या पूजन के दिन झाड़ियों में फेंकी गई नवजात कन्या,थानेदार ने दिखाई इंसानियत, गोद में उठाकर

  • Bihar News: बक्सर में मां दुर्गा के दिव्य रूपों की जीवंत झांकी, ज्ञान गंगा के संदेश ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
  • Bihar News: बक्सर में मां दुर्गा के दिव्य रूपों की जीवंत झांकी, ज्ञान गंगा के संदेश ने मोहा

Bihar News : मुजफ्फरपुर में लैपटॉप कारोबारी दंपती हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सगे भाई को किया गिरफ्तार

Bihar News : मुजफ्फरपुर लापता हुए लैपटॉप कारोबारी मनोज भगत (48) और उनकी पत्नी मीनू देवी (45) की गुमशुदगी की गुत्थी को पुलिस ने करीब चार महीने बाद सुलझा लिया है.....पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर में लैपटॉप कारोबारी दंपती हत्याकांड
सगे भाई की हत्या - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से मई 2026 को अचानक रहस्यमय ढंग से लापता लैपटॉप कारोबारी मनोज भगत (48) और उनकी पत्नी मीनू देवी (45) की गुमशुदगी का पुलिस ने करीब चार महीने बाद खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति विवाद में कारोबारी दंपती की सहोदर भाई द्वारा हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने मनोज भगत के सगे भाई को गिरफ्तार किया है। उसके निशानदेही पर बोचहां थाना क्षेत्र के सत्संग भवन इलाके से दंपती के शव के अवशेष को पुलिस ने बरामद कर लिया हैं। अब पुलिस द्वारा बरामद अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराई जा रही है।

ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से 20 मई 2026 की रात अचानक लापता हुए थे दंपती

पुलिस के अनुसार, मनोज भगत और उनकी पत्नी मीनू देवी 19 से 20 मई की दरम्यान रात को अचानक लापता हो गए थे। घर और मार्केट से गायब होने के बाद दोनों के मोबाइल फोन भी बंद मिलने लगे। काफी तलाश के बाद भी जब दोनों का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर जांच के लिये पहुंची पुलिस को दंपती के घर के कमरे और छत पर खून के संदिग्ध छींटे मिले थे। जिसके बाद एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम को मौके पर बुलाकर जांच कराई गई थी। फॉरेंसिक जांच में खून इंसानी होने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से जांच शुरू की।

दंपति के इकलौती बेटी ने अपने चाचा पर जताया था शक

वही घटना के बाद लापता दंपती की इकलौती पुत्री शेफाली द्वारा शुरुआत से ही अपने चाचा पर संदेह जताया जा रहा था। उसने पुलिस को बताया था कि संपत्ति और जमीन-जायदाद पर कब्जे की नीयत से उसके माता-पिता को अगवा किया गया हो सकता है। पुलिस ने इस एंगल को भी जांच में शामिल किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ती रही।

मामले को लेकर कई राज्यों की खाक छानती रही पुलिस

वही मामले को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के द्वारा बताया गया कि इस पूरे मामले को लेकर मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष टीम मामले के उद्भेदन को लेकर एक के बाद एक कई राज्यों की खाक छानती रही लेकिन अब पूरे मामले का खुलासा करते हुए मृतक दंपति के सहोदर भाई को ही गिरफ्तार किया गया है और उसके निशानदेही पर दंपति के अवशेष को बोचहा थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया गया है। 

NSIT
Nsmch

पुलिस को 23 अगस्त को मिला बड़ा सुराग

वही घटना के कई महीनों की जांच और कई राज्यों की खाक छानने के बाद पुलिस ने 23 अगस्त को मामले में बड़ा खुलासा किया। और गिरफ्तार दंपति के भाई के निशानदेही पर पुलिस टीम ने बोचहां थाना क्षेत्र के सत्संग भवन इलाके से दंपती के शव के अवशेष बरामद कर लिया। वही पुलिस के पूछताछ में आरोपी भाई ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। वहीं गिरफ्तार आरोपी के द्वारा बताया गया की उसी के द्वारा दंपति की पहले घर में ही हत्या कर दी गई थी फिर दोनों शव को अलग अलग कपड़े में बांध कर गाड़ी में रख बोचहा थाना क्षेत्र के सत्संग भवन इलाके में ले जाकर दो शव को मिट्टी के अंदर दफन कर दिया गया था अब पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है की इस पूरे घटनाक्रम में और आरोपी के साथ कौन कौन सहयोगी था।

मणिभूषण की रिपोर्ट