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Bihar News : मोतिहारी में बड़े साइबर रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़, फर्जी आधार, पैन और अधिकारियों के जाली डिजिटल सिग्नेचर किया बरामद, मचा हड़कंप

Bihar News : मोतिहारी में बड़े साइबर रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इसी कड़ी में पुलिस ने फर्जी आधार, पैन और अधिकारियों के जाली डिजिटल सिग्नेचर बरामद किया है.......पढ़िए आगे

Bihar News : मोतिहारी में बड़े साइबर रैकेट का पुलिस ने किया
साइबर गिरोह का पर्दाफाश - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतिहारी में प्रशासन ने एक बड़े साइबर क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गठित एक विशेष संयुक्त टीम ने शहर के बापूधाम साइबर कैफे सहित कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार कर रहे थे। छापेमारी के दौरान कैफे की आड़ में चल रहे फर्जीवाड़े के खेल को देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से भारी मात्रा में जाली दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।

प्रशासनिक टीम को छापेमारी के दौरान खाली आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाली ड्राइविंग लाइसेंस और दर्जनों फर्जी शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रमाणपत्रों का भंडार मिला है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये अपराधी तीन साल पहले ट्रांसफर हो चुके अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर का अवैध उपयोग कर प्रमाणपत्र जारी कर रहे थे। इसके अलावा, एडोब फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर की मदद से जाली सरकारी दस्तावेज तैयार करने के पुख्ता सबूत भी मिले हैं। इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य साइबर कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया और कई लोग अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए।

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जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह न केवल जाली दस्तावेज बना रहा था, बल्कि ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षा में नकल कराने और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (ब्रोकरेज) में भी संलिप्त था। अधिकारियों को फर्जी गैस सिलेंडर के कागजात और अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे सीएससी (CSC) कोड के साक्ष्य भी मिले हैं। साइबर सेल ने दुकान मालिक के कंप्यूटर, हार्ड ड्राइव और मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है, जिन्हें गहन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी टीम में प्रभारी सदर एसडीओ अरुण कुमार के साथ साइबर डीएसपी अभिनव परासर, सदर डीएसपी दिलीप सिंह, प्रशिक्षु डीएसपी कुमारी प्रियंका और नगर व छतौनी थाने की पुलिस फोर्स शामिल थी। प्रभारी एसडीओ अरुण कुमार का इस तरह के फर्जीवाड़े को पकड़ने का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड रहा है; इससे पहले अरेराज में पदस्थापना के दौरान उन्होंने बड़े पैमाने पर फर्जी राशन कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। उनकी इस सक्रियता ने एक बार फिर जिले में जालसाजों के हौसले पस्त कर दिए हैं।

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फिलहाल, पुलिस पकड़े गए साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। साइबर डीएसपी ने बताया कि यह एक संगठित अपराध हो सकता है, जिसके तार अन्य राज्यों या जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल सेवाओं के नाम पर जनता को ठगने वाले और सरकारी व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य साइबर केंद्रों पर भी सघन जांच अभियान चलाने की तैयारी है।

हिमांशु की रिपोर्ट