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Bihar News : मोतिहारी में बड़ा घोटाला: कागज पर ही बन गई पीसीसी सड़क, सरकारी खजाने से 10 लाख रुपये डकार गए अफसर और ठेकेदार

Bihar News : मोतिहारी में इंजीनियर -ठीकेदार -नेता के गठजोड़ का अनोखा कारनामा देखने को मिला है. जहाँ कागज में ही पीसीसी सड़क निर्माण कर अधिकारी और ठीकेदार लाखों रूपये गटक गए.....पढ़िए आगे

Bihar News : मोतिहारी में बड़ा घोटाला: कागज पर ही बन गई पीसी
कागज पर बन गयी पीसीसी सड़क - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : बिहार में भ्रष्टाचार का एक और अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 'इंजीनियर-ठेकेदार-नेता' के कथित गठजोड़ ने एक पूरी सड़क को ही कागजों में समेट दिया। मामला पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर प्रखंड अंतर्गत पूर्वी सरेया पंचायत के वार्ड संख्या 04 का है। यहां विधायक योजना के तहत जिस पीसीसी सड़क का निर्माण होना था, वह धरातल पर आज भी अपनी बदहाली के आंसू रो रही है, जबकि सरकारी फाइलों में इसका निर्माण पूरा दिखाकर राशि का भुगतान भी कर लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वार्ड में आर डब्लू डी मुख्य मार्ग से मनीष पांडेय के घर होते हुए योगेंद्र पटेल के घर की तरफ जाने वाली पीसीसी सड़क के निर्माण का टेंडर जारी हुआ था। इस पूरी योजना की प्राक्कलित राशि 10,74,184 रुपये (लगभग पौने ग्यारह लाख) थी। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक इस कार्य के प्रारंभ होने की तिथि 12 सितंबर 2025 और कार्य समाप्ति की तिथि 11 दिसंबर 2025 तय की गई थी, जिसका एनआईटी नंबर (NIT No) 09/25-26, 15 था। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तय समय सीमा बीतने के बाद भी धरातल पर एक ईंट तक नहीं जोड़ी गई और पूरी राशि का उठाव कर लिया गया।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा खेल सिस्टम की नाक के नीचे इतनी सफाई से खेला गया कि किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई। आज हालात यह हैं कि हल्की बारिश होते ही यह पूरी सड़क कीचड़ और मलबे में तब्दील हो जाती है। ग्रामीण इसी कीचड़ और पानी भरे गड्ढों के बीच हिचकोले खाते हुए आने-जाने को मजबूर हैं। कागजों पर चमचमाती दिखने वाली इस सड़क की असली और बदहाल तस्वीर देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा।

इस महाघोटाले के उजागर होने के बाद जब सच्चाई जानने के लिए एलईओ-1 के अनुमंडल पदाधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो वे इस विषय पर कुछ भी बोलने से पूरी तरह परहेज करते रहे। अधिकारियों की यह चुप्पी इस बात की ओर साफ इशारा करती है कि इस घोटाले के तार अंदर तक जुड़े हुए हैं। अब इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और सूबे के मुख्यमंत्री से इस 'कागजी सड़क घोटाले' की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी इंजीनियरों, ठेकेदारों और इसमें संलिप्त सफेदपोशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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हिमांशु की रिपोर्ट