LATEST NEWS

  • नदियों के बढ़ते जलस्तर पर पटना प्रशासन सतर्क, डीएम ने दिए 24 घंटे तटबंध निगरानी के निर्देश
  • नदियों के बढ़ते जलस्तर पर पटना प्रशासन सतर्क, डीएम ने दिए 24 घंटे तटबंध निगरानी के निर्देश

  • Bihar News : गंडक बैराज से 1.83 लाख क्यूसेक पानी किया गया डिस्चार्ज, कई इलाकों में बाढ़ का मंडराया खतरा, सहमे लोग
  • Bihar News : गंडक बैराज से 1.83 लाख क्यूसेक पानी किया गया डिस्चार्ज, कई इलाकों में बाढ़ का

  • लोक अदालत की तैयारियों को लेकर पटना यातायात पुलिस की बैठक, लंबित ई-चालान और जनशिकायतों के निस्तारण पर जोर
  • लोक अदालत की तैयारियों को लेकर पटना यातायात पुलिस की बैठक, लंबित ई-चालान और जनशिकायतों के निस्तारण पर

  • Bihar News : गया में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया भंडाफोड़, मौके से अपराधी को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में औजार किया बरामद
  • Bihar News : गया में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया भंडाफोड़, मौके से अपराधी को

  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा निशाना
  • बिहार में बाढ़ और घोटालों के आरोपों पर भड़के तेजस्वी यादव, पीएम मोदी और राज्य सरकार पर साधा

Bihar Crime: मनरेगा में पुलिया घोटाला का बड़ा खुलासा, बिना सड़क और रास्ते के सरेह में खड़ी कर दीं 8 पुलिया, जांच टीम भी रह गई हैरान

Bihar Crime: पूर्वी चंपारण जिले में मनरेगा योजना के तहत कथित तौर पर सरकारी खजाने की लूट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।...

Motihari MGNREGA Bridge Scam
मनरेगा में बड़ा खेल?- फोटो : reporter

Bihar Crime: पूर्वी चंपारण जिले में मनरेगा योजना के तहत कथित तौर पर सरकारी खजाने की लूट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पताही प्रखंड की पूर्वी पंचायत में बिना सड़क और रास्ते के खेतों (सरेह) के बीच आठ पुलिया निर्माण का मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मीडिया में खबर आने के बाद मनरेगा विभाग की जांच टीम मौके पर पहुंची, जहां की जमीनी हकीकत देखकर अधिकारी भी भौचक रह गए।

जानकारी के अनुसार मनरेगा योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर जिन पुलियों का निर्माण कराया गया, वहां न तो कोई सड़क है और न ही आवागमन का कोई रास्ता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन योजनाओं का चयन किस आधार पर किया गया और सरकारी राशि खर्च करने की मंजूरी कैसे मिल गई।न्यूज4नेशन पर खबर सामने आने के बाद मनरेगा पीओ ब्रजेश त्रिपाठी, जेई और पीआरएस की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि सरेह के बीचों-बीच कई पुलिया मौजूद हैं, लेकिन उनसे जुड़ा कोई संपर्क मार्ग नहीं है। बताया जा रहा है कि इन पुलियों का निर्माण एक-दो वर्ष पूर्व कराया गया था और इस पर करीब 40 लाख रुपये से अधिक की सरकारी राशि खर्च हुई है।

Diarch GO

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी, ठेकेदार और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से इस पूरी योजना को अंजाम दिया गया। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि जब जमीन पर रास्ता ही नहीं था तो पुलिया निर्माण की योजना स्वीकृत कैसे हुई। लोगों का यह भी सवाल है कि संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) ने स्टीमेट किस आधार पर तैयार किया और निरीक्षण करने वाले अधिकारियों ने निर्माण के दौरान अनियमितताओं पर ध्यान क्यों नहीं दिया।मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि हाल ही में केसरिया प्रखंड के ढेकहा पंचायत में भी नदी की पेटी में बिना रास्ते के कई पुलिया निर्माण का मामला सामने आया था। अब पताही प्रखंड में इसी तरह के कथित घोटाले के उजागर होने के बाद पूरे जिले में मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मनरेगा पीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को भेजी जा रही है। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। एक भाजपा विधायक ने भी इस कथित घोटाले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है।इसके अलावा जिले के कई प्रखंडों में फर्जी ऐप के जरिए मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर करोड़ों रुपये के भुगतान की चर्चाएं भी तेज हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला मनरेगा योजनाओं में बड़े वित्तीय अनियमितता और जवाबदेही का गंभीर प्रश्न बन सकता है।

NSIT
Nsmch

रिपोर्ट-हिमांशु कुमार