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Bihar News: मोतीहारी में जेसीबी का खेल, बिना NOC और नीलामी के गिरा दी सरकारी गोदाम की इमारत, करोड़ों के राजस्व पर सवाल

Bihar News: एक ठेकेदार ने नियम-कानून को दरकिनार करते हुए गंडक विभाग के पुराने गोदाम की इमारत को बिना अनुमति ही जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।...

Govt Warehouse Demolished by JCB in Motihari Without NOC
बिना NOC और नीलामी के गिरा दी गई सरकारी गोदाम की इमारत- फोटो : reporter

Motihari:जिला में सरकारी संपत्ति को लेकर एक बड़ा घोटाले जैसा मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ठेकेदार ने नियम-कानून को दरकिनार करते हुए गंडक विभाग के पुराने गोदाम की इमारत को बिना अनुमति ही जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। हैरत की बात यह है कि इस कार्रवाई से पहले न तो भवन निर्माण विभाग से एनओसी ली गई और न ही भवन में मौजूद सामग्री की नीलामी (डाक) कराई गई। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।यह मामला जिले के अरेराज स्थित गंडक कॉलोनी के पास का बताया जा रहा है। यहां गंडक विभाग की करीब 50 डिसमिल जमीन को थाना भवन के निर्माण के लिए पुलिस विभाग को हस्तांतरित किया गया था। इसी जमीन पर पहले से गंडक विभाग के दो बड़े गोदाम बने हुए थे, जो काफी पुराने और जर्जर हालत में बताए जा रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस विभाग द्वारा यहां महिला बैरक के निर्माण की योजना बनाई गई थी। लेकिन निर्माण से पहले जिस प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है, उसे नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप है कि ठेकेदार ने सीधे जेसीबी मशीन लगाकर गोदाम की इमारत को ढहा दिया।सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी जर्जर भवन को गिराने से पहले भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर से उसे परित्यक्त घोषित कराया जाता है। इसके बाद संबंधित विभाग भवन में मौजूद लोहे, ईंट और अन्य सामग्री की नीलामी कराता है, जिससे प्राप्त राशि सरकारी खाते में जमा की जाती है। लेकिन इस मामले में इन सभी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर दिया गया।

भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर गोबिंद कुमार ने साफ कहा कि गंडक विभाग की किसी इमारत को गिराने के लिए उनकी ओर से कोई एनओसी जारी नहीं की गई है। वहीं जल संसाधन विभाग के अरेराज एसडीओ नेहा कुमारी ने कहा कि इस मामले में संबंधित जेई से जानकारी ली जानी चाहिए।

गंडक विभाग के जेई का कहना है कि जमीन को थाना भवन निर्माण के लिए पुलिस विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था और उस पर बने दोनों गोदाम जर्जर हालत में थे, जिन्हें परित्यक्त घोषित कर दिया गया था।हालांकि बिना एनओसी और नीलामी के इमारत ढहाने की घटना ने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसके इशारे पर नियमों को ताक पर रखकर यह कार्रवाई की गई। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।

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रिपोर्ट- हिमांशु कुमार