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Bihar News : मोतीहारी में 'न्यूज़4नेशन' की खबर का बड़ा असर, एक्सपायरी दवाओं के अंबार पर CS सख्त, चार सदस्यीय टीम ने शुरू की जांच

Bihar News : मोतिहारी में एक्सपायरी दवाओं के अंबार पर CS ने सख्ती दिखाई है. इस मामले को लेकर चार सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है......पढ़िए आगे

Bihar News : मोतीहारी में 'न्यूज़4नेशन' की खबर का बड़ा असर,
सीएस ने दिखाई सख्ती - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले के पताही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में लाखों रुपये मूल्य की जीवन रक्षक दवाओं के एक्सपायर होने और उन्हें खंडहरनुमा भवन में फेंके जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 'न्यूज़4नेशन' द्वारा प्रमुखता से दिखाई गई इस खबर का संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन (CS) ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है। शनिवार को इस टीम ने मौके पर पहुँचकर मामले की गहन तफ्तीश की, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

डॉक्टर के पुराने क्वार्टर में मिला था दवाओं का जखीरा

उल्लेखनीय है कि पताही पीएचसी परिसर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पूर्व में आवंटित एक जर्जर और खंडहरनुमा भवन में भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं लावारिस हालत में फेंकी गई थीं। इन दवाओं में कई जीवन रक्षक औषधियां भी शामिल थीं, जिन्हें समय रहते मरीजों को दिया जाना चाहिए था। वीडियो वायरल होने और न्यूज़4नेशन पर खबर चलने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

उच्च स्तरीय टीम ने खंगाले दस्तावेज, कर्मियों से पूछताछ

सिविल सर्जन द्वारा गठित इस विशेष जांच दल में अपर अधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ. शफी इमाम, औषधि निरीक्षक रईस आलम तथा जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी शामिल थे। टीम ने शनिवार को पीएचसी के उन कमरों का बारीकी से निरीक्षण किया जहाँ दवाएं फेंकी गई थीं। जांच के दौरान दवाओं के स्टॉक, उनकी आपूर्ति की तारीख और निष्पादन (Disposal) से जुड़े सरकारी अभिलेखों का मिलान किया गया। इस दौरान कई स्वास्थ्य कर्मियों से कड़ी पूछताछ भी की गई।

भारी अनियमितता के संकेत, कार्रवाई की लटकी तलवार

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में भारी वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता के संकेत मिले हैं। जांच टीम ने यह जानने की कोशिश की कि आखिर किन परिस्थितियों में और किसकी लापरवाही से इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं एक्सपायर हुईं और उन्हें उचित प्रक्रिया के बिना खंडहर में क्यों फेंका गया। मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शंकर बैठा, डॉ. मोहनलाल प्रसाद और सीएचसी प्रबंधक राजकुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट, दोषियों पर गिरेगी गाज

जांच दल के सदस्यों ने बताया कि निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही सिविल सर्जन को सौंप दी जाएगी। स्थानीय लोगों में इस बर्बादी को लेकर भारी आक्रोश है, क्योंकि एक तरफ गरीब मरीज दवाओं के लिए भटकते हैं और दूसरी तरफ सरकारी खजाने से खरीदी गई लाखों की दवाएं धूल फांक रही हैं। सिविल सर्जन के कड़े रुख से साफ है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर गाज गिरना तय है। 

हिमांशु की रिपोर्ट