LATEST NEWS

  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को मजबूर लोग
  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को

  • Bihar Cabinet Controversy:
  • बिहार कैबिनेट में ठेका बहाली पर घमासान: दो वरिष्ठ मंत्रियों में तीखी बहस, CM को करना पड़ा हस्तक्षेप

  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट
  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट

  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर की आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर

  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया GMCH रेफर
  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया

बिहार में कलम का कत्ल और फाइलों की साजिश का खुलासा, अफसर-भूमाफिया की खतरनाक जुगलबंदी, बाजार शब्द गायब कर करोड़ों की सरकारी जमीन ऐसे हड़पी

Bihar Crime: बिहार में सरकारी दफ्तरों की फाइलों के बीच जो खेल खेला गया है, उसने कानून, नियम और नीयत तीनों का जनाज़ा निकाल दिया है।

Bihar Land Scam Exposed Officials Mafia Nexus Loots Govt Lan
बिहार में कलम का कत्ल और फाइलों की साजिश का खुलासा- फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार में सरकारी दफ्तरों की फाइलों के बीच जो खेल खेला गया है, उसने कानून, नियम और नीयत तीनों का जनाज़ा निकाल दिया है। मोतीहारी में  अफसरों और भूमाफियाओं की ऐसी गठजोड़ गैंग बेनकाब हुई है, जिसने कलम की नोक से सरकार की आंखों में धूल झोंक दी और करोड़ों की बेशकीमती सरकारी ज़मीन को काग़ज़ी जादू से निजी माल बना दिया।

मामला बकास्त वृत्तदार बाजार की करीब 1.98 एकड़ कीमती सरकारी ज़मीन से जुड़ा है। आरोप है कि डीसीएलआर के नेतृत्व में बनी जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार करते वक्त जानबूझकर जमीन के नाम से सिर्फ “बाजार” शब्द गायब कर दिया। बस फिर क्या था एक शब्द हटते ही जमीन की क़िस्मत बदल गई। “बकास्त वृत्तदार बाजार” बन गया सिर्फ “बकास्त”, और इसी चालाकी से सरकार और वरीय अधिकारियों को गुमराह कर दिया गया।

Diarch GO

इस फर्जी रिपोर्ट का सीधा फायदा यह हुआ कि एसडीओ स्तर पर चल रहा अतिक्रमण वाद अचानक बंद हो गया। जो जमीन कानूनन पूरी तरह राज्य की मिल्कियत थी, उस पर भूमाफिया छाती तानकर बैठ गए। आरोप है कि जांच अधिकारियों ने बिहार भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा 7A को सरेआम रौंद दिया, जबकि यही धारा साफ कहती है कि हाट या बाजार किस्म की जमीन पर किसी भी मध्यवर्ती को कोई अधिकार नहीं हो सकता।

अरेराज अनुमंडल के अतिक्रमण वाद संख्या 42/2019-20 में एक अतिक्रमणकारी को 1.98 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जेदार के रूप में चिन्हित किया गया था, जिसने वहां व्यावसायिक और आवासीय निर्माण तक खड़े कर दिए। लेकिन जांच प्रतिवेदन में तथ्यों का गला घोंट दिया गया और गलत राय देकर पूरे केस की हत्या कर दी गई।

NSIT
Nsmch

सबसे हैरानी की बात यह है कि अवैध जमाबंदी रद्द करने के बजाय, अंचलाधिकारी ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पूरा अतिक्रमण वाद ही दफन कर दिया। यह न सिर्फ बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम बल्कि माननीय न्यायालय के आदेशों की भी खुली तौहीन है।अब सवाल यह है कि क्या मोतीहारी में सरकारी जमीन यूं ही अफसर भूमाफिया की सांठ-गांठ की भेंट चढ़ती रहेगी, या फिर इस फाइल-फ्रॉड पर कानून का डंडा चलेगा? फिलहाल तो यह मामला सिस्टम के सड़े हुए चेहरे को बेनकाब कर गया है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार