Bihar News: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का दिल्ली में बड़ा रेल दांव, लखीसराय की जनता को मिलेगी राहत? केंद्रीय मंत्री से रखीं कई मांगें
Bihar News: बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं लखीसराय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर अपने विधानसभा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण रेलवे समस्याओं पर चर्चा की।

Bihar News: बिहार की राजनीति में इन दिनों रेलवे मुद्दा फिर सुर्खियों में है। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं लखीसराय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर अपने विधानसभा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण रेलवे समस्याओं पर चर्चा की। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम मानी जा रही है।
विजय सिन्हा ने मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री को लखीसराय और आसपास के इलाकों में रेलवे सुविधाओं के विस्तार और बंद पड़ी सेवाओं को बहाल करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
बैठक में डिप्टी सीएम ने जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया, उनमें शामिल हैं:
कछियाना हॉल्ट पर 63315 एवं 53403 ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
महसौरा-सिसमा गांव के पास नया रेलवे स्टेशन बनाया जाए, जिससे लगभग 40–50 गांवों की आबादी को सीधा लाभ मिले।
मनकट्ठा स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव पुनः शुरू हो, जो पहले नियमित रूप से रुकती थीं।
डुमरी को स्टेशन का दर्जा दिया जाए और 13401/13402 ट्रेन का ठहराव वहां सुनिश्चित किया जाए।
बड़हिया एवं लखीसराय स्टेशनों पर कोविड-19 से पूर्व जिन ट्रेनों का ठहराव होता था, उन्हें बहाल किया जाए।सिन्हा ने मंत्री से यह भी आग्रह किया कि वे स्वयं लखीसराय आकर रेलवे विकास कार्यों की समीक्षा करें और प्रस्तावित योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करें।
बता दें कि बड़हिया में कोविड काल के बाद ट्रेनों के ठहराव को बहाल करने की मांग को लेकर अब तक तीन बार आंदोलन हो चुका है। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले विजय सिन्हा का इस मुद्दे पर जोर देना राजनीतिक रूप से भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उपमुख्यमंत्री की मांगों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। अब सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार ट्रेनों का ठहराव बहाल होगा और क्या लखीसराय की जनता को लंबे समय से चली आ रही सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इस मुलाकात को न सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट बल्कि लखीसराय के लिए रेलवे सुविधाओं में सुधार की संभावनाओं का नया अध्याय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई होती है तो इसका सीधा असर विधानसभा चुनाव के समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट- कमलेश कुमार















