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लखीसराय विधानसभा सीट : विकास से होगी विजय की जंग ! कांग्रेस-राजद के बाद मुकेश सहनी भी लगा रहे दांव

 Lakhisarai assembly seat
Lakhisarai assembly seat- फोटो : news4nation

Bihar Elelction 2025 : लखीसराय विधानसभा सीट 2025 के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ और गहरी होती जा रही है। वर्तमान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा इस सीट से एनडीए के उम्मीदवार माने जा रहे हैं, इसलिए हर प्रमुख राजनीतिक पार्टी की नजर इस सीट पर टिकी हुई है। सभी दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए मजबूत और जीताऊ उम्मीदवार की तलाश में हैं। लखीसराय में इस बार सियासी रणनीतियाँ और गठजोड़ बेहद सक्रिय नजर आ रहे हैं, और हर दल अपने प्रभाव और पकड़ को बढ़ाने के लिए मैदान पर पूरी ताकत झोंक रहा है। 


एनडीए में तस्वीर साफ 

एनडीए की ओर से करीब करीब तय है कि भाजपा ने डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का नाम पहले ही तय कर लिया है।  उनके अनुभव, राजनीतिक पकड़ और क्षेत्र में लोकप्रियता के कारण एनडीए इस सीट पर पूरी तरह भरोसा कर रहा है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी के अभी तक करवाए गए तीन इंटरनल सर्वे में भी संकेत मिले हैं कि विजय सिन्हा इस बार भी चुनाव जीत रहे हैं। सिन्हा ने पहली बार फरवरी 2005 में चुनाव जीता था। बाद में हुए चुनाव में वे हार गए। हालांकि उसके बाद 2010, 2015 और 2020 में विजय सिन्हा जीतने में सफल रहे। 

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राजद का लालटेन फुलेना सिंह के हाथ 

महागठबंधन के भीतर लखीसराय सीट को लेकर खींचतान लगातार बढ़ रही है। राजद इस बार यह सीट कांग्रेस से छीनने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार एमएलसी चुनाव में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले फुलेना सिंह को तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव की तैयारी करने का निर्देश दिया है। राजद सूत्रों के अनुसार, फुलेना सिंह इस सीट पर पार्टी के लिए निर्णायक उम्मीदवार हो सकते हैं। तेजस्वी यादव ने हाल ही में स्पष्ट कहा कि “विजय सिन्हा इस बार चुनाव हार रहे हैं।”


VIP की दावेदारी — विकास सिंह सबसे आगे

सूत्रों के अनुसार, VIP सुप्रीमो मुकेश सहनी ने भी लखीसराय सीट पर दावेदारी ठोकी है। अगर सीट उनके खाते में आती है तो पार्टी के स्वर्ण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह, जो सहनी के शुरुआती दिनों से उनके साथ जुड़े रहे हैं, सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि विकास सिंह की संगठनात्मक पकड़ और VIP के युवाओं में समर्थन उन्हें इस सीट पर गंभीर चुनौती बनाने के लिए पर्याप्त बनाता है। सूत्रों का कहना है कि मुकेश सहनी ने विकास सिंह को चुनावी तैयारी करने का संकेत भी दे दिया है। यहां तक कि विकास भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।

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लोजपा (पारस) का ऐलान — सूरजभान परिवार से उतरेगा उम्मीदवार

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कुछ समय पूर्व कहा था कि लखीसराय से सूरजभान सिंह के परिवार का उम्मीदवार मैदान में उतरेगा। उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को चुनौती देना और सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करना। हालांकि फ़िलहाल पूर्व सांसद सूरजभान सिंह इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।


कांग्रेस में दावेदारों की भीड़

कांग्रेस इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। हालांकि, पार्टी के भीतर स्थिति पेचीदा है क्योंकि दर्जनों नेता टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। पुराने राजनीतिक समीकरण और पार्टी के अंदरूनी झगड़े इसे और जटिल बना रहे हैं। हाल में कई नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ पत्र लिखने से लेकर आपसी खींचतान में बयानबाजी भी की है।


क्यों महागठबंधन इस सीट पर सक्रिय

विश्लेषकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि कांग्रेस के अलावा महागठबंधन के बाकी दल इस सीट पर इसलिए दावेदारी कर रहे हैं क्योंकि विजय कुमार सिन्हा बीजेपी के बड़े चेहरे हैं। 2020 के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हार गए थे। लोगों का मानना है कि टिकट मिलने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने न तो अपने दल के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से बेहतर तालमेल बिठाया और ना ही जनता से जुड़ाव ही मजबूती से रह सका, नतीजा रहा कि विजय सिन्हा को वे कड़ी टक्कर देने से चूक गए। आम लोगों ने तब प्रत्यशी में अहंकार आने की बात कही थी। इसीलिए अब राजद, VIP और लोजपा जैसे दल इस सीट पर पूरी ताकत के साथ दावेदारी कर रहे हैं। हर दल चाहता है कि वह विजय कुमार सिन्हा जैसी बड़ी राजनीतिक छवि के खिलाफ अपना मजबूत और जीताऊ उम्मीदवार उतारकर चुनाव में बाज़ी मारे।

कमलेश की रिपोर्ट