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Vikramshila Setu collapse:विक्रमशिला सेतु बंद होते ही फेरी सेवा पर दबाव बढ़ा, नावों पर भीड़ का सैलाब, दुर्घटना की आशंका को लेकर प्रशासन पर उठे सवाल

Vikramshila Setu collapse:भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।

Vikramshila bridge shutdown overwhelms ferry service
विक्रमशिला सेतु संकट का असर गंगा घाटों तक- फोटो : reporter

Vikramshila Setu collapse:भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। सड़क मार्ग बंद होने का सीधा असर अब गंगा किनारे बसे घाटों पर दिखने लगा है, जहां अगुवानी सुल्तानगंज फेरी सेवा यात्रियों के दबाव से जूझ रही है।

स्थिति यह है कि खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित अगुवानी घाट से लेकर सुल्तानगंज तक नावों और फेरी सेवा पर यात्रियों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह और शाम के समय घाटों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगह हालात ऐसे हैं कि नाव में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति बन रही है।

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स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह फेरी सेवा लंबे समय से निजी स्तर पर संचालित हो रही है, लेकिन विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद अचानक यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ गई है, जिससे व्यवस्था पूरी तरह दबाव में आ गई है। छोटे-छोटे नाविकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

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लोगों ने साफ तौर पर प्रशासन से मांग की है कि इस आपात स्थिति को गंभीरता से लिया जाए। यात्रियों का कहना है कि घाटों पर अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जाए, सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती हो। इसके साथ ही रोशनी, शेड और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी महसूस की जा रही है।

घाटों पर बढ़ती अव्यवस्था को देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

फिलहाल स्थिति यह है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने का असर सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब गंगा घाटों की लाइफलाइन भी भारी दबाव और अव्यवस्था की चपेट में आ चुकी है।

खगड़िया से अमित की रिपोर्ट