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Bihar News : खगड़िया में मनरेगा घोटाले और लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, परबत्ता के PO और जूनियर इंजीनियर की सेवा समाप्त, इनको मिला अतिरिक्त प्रभार

Bihar News : परबत्ता प्रखंड में तैनात मनरेगा के JE मो. जफर हसन और कार्यक्रम पदाधिकारी मो. फुरकान की संविदा सेवा को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है......पढ़िए आगे

Bihar News : खगड़िया में मनरेगा घोटाले और लापरवाही पर बड़ी क
सेवा समाप्त - फोटो : AMIT

KHAGARIA  जिले में मनरेगा योजनाओं के खराब क्रियान्वयन और लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। परबत्ता प्रखंड में कार्यरत मनरेगा के कनीय अभियंता मो. जफर हसन और कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) मो. फुरकान की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। दोनों अधिकारियों पर कार्य में लापरवाही, योजनाओं की धीमी प्रगति और विभागीय निर्देशों की अनदेखी के आरोप सिद्ध होने के बाद यह निर्णय लिया गया।

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उप विकास आयुक्त सह अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) श्वेता भारती ने विस्तृत जांच, स्पष्टीकरण और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद कनीय अभियंता मो. जफर हसन की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया। 30 मई को हुई समीक्षा बैठक में परबत्ता प्रखंड में मनरेगा योजनाओं की प्रगति बेहद खराब पाई गई थी।

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जांच में सामने आया कि खेल मैदान निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण, वृक्षारोपण एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती गई। 56 आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध केवल एक केंद्र का निर्माण पूरा हो सका था, जबकि कई योजनाएं वर्षों से लंबित थीं। अधिकारियों ने माना कि तकनीकी अनुश्रवण और समय पर कार्य पूर्ण कराने में अभियंता पूरी तरह विफल रहे।

वहीं जिला पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) नवीन कुमार ने कार्यक्रम पदाधिकारी मो. फुरकान की संविदा सेवा भी समाप्त कर दी। जांच में पाया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के मानव दिवस सृजन, ई-केवाईसी, आधार आधारित भुगतान, खेल मैदान निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मजदूरी भुगतान, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण, सोशल ऑडिट रिपोर्ट के निष्पादन और लंबित योजनाओं के निस्तारण सहित कई महत्वपूर्ण मानकों पर परबत्ता प्रखंड का प्रदर्शन जिले में सबसे कमजोर रहा।

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प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान 2 और 3 मई को मो. फुरकान बिना अनुमति अनुपस्थित रहे थे। कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे सरकारी कार्यक्रम की तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।जिला प्रशासन ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को प्रमाणित मानते हुए कार्रवाई की है। आदेश में कहा गया है कि बार-बार चेतावनी और निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और सरकार की छवि प्रभावित हुई।

प्रशासन ने बेलदौर के कार्यक्रम पदाधिकारी राव रंजन को परबत्ता प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। साथ ही मो. फुरकान को सभी अभिलेख, योजना पंजी, रोकड़ पंजी, बैंक पंजी और अन्य आवश्यक दस्तावेज तत्काल नए प्रभारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।हालांकि दोनों अधिकारियों को अपील का अवसर दिया गया है। मो. जफर हसन 30 दिनों के भीतर जिला पदाधिकारी, खगड़िया के समक्ष तथा मो. फुरकान ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। मनरेगा योजनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने और कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई को जिला प्रशासन की सख्त कार्यशैली का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

अमित की रिपोर्ट