LATEST NEWS

  • Bihar News : मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य मंत्री के स्वागत में जुटे जेडीयू नेता की 7 लाख की सोने की चेन गायब, पुलिस जांच में जुटी
  • Bihar News : मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य मंत्री के स्वागत में जुटे जेडीयू नेता की 7 लाख की सोने

  • Bihar News : गयाजी में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब किया जब्त, 6 तस्करों को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गयाजी में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में देसी-विदेशी शराब

  • Bihar Road Accident : मोतिहारी में ट्रक की चपेट में आने से दो बाइक सवारों की हुई मौत, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम
  • Bihar Road Accident : मोतिहारी में ट्रक की चपेट में आने से दो बाइक सवारों की हुई मौत,

  • Bihar News : सिवान AK-47 फायरिंग मामला: पीड़िता-युवकों से मिले राहुल गांधी, घटना को मिला नया राजनीतिक मोड़
  • Bihar News : सिवान AK-47 फायरिंग मामला: पीड़िता-युवकों से मिले राहुल गांधी, घटना को मिला नया राजनीतिक मोड़

  • सिवान में महावीरी अखाड़ा और जन्माष्टमी को लेकर प्रशासन मुस्तैद, DM-SP की अगुवाई में निकला फ्लैगमार्च
  • सिवान में महावीरी अखाड़ा और जन्माष्टमी को लेकर प्रशासन मुस्तैद, DM-SP की अगुवाई में निकला फ्लैगमार्च

Bihar Suicide News: पढ़ाई के लिए पिता का डांटना बेटे को गुजरा नागवार! सुबह-सुबह फांसी लगाकर दे दी जान

Bihar Suicide News: गड़िया के अररिया गांव में 14 वर्षीय छात्र रंगीला कुमार ने पढ़ाई को लेकर डांट खाने के बाद आत्महत्या कर ली। यह घटना अभिभावकों और समाज के लिए एक चेतावनी है।

Bihar Suicide News
पिता की डांट से नाराज छात्र ने दे दी जान- फोटो : SOCIAL MEDIA

Bihar Suicide: बिहार के खगड़िया जिले के मड़ैया थाना क्षेत्र स्थित अररिया गांव में शनिवार की सुबह एक मासूम जिंदगी का अंत हो गया, जिसने पूरे गांव को सन्नाटा और शोक में डुबो दिया।14 वर्षीय रंगीला कुमार, जो छठी कक्षा का छात्र था, ने पढ़ाई को लेकर पिता की डांट के बाद पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या से पहले की पढ़ाई को लेकर डांट

सुबह के समय रंगीला के पिता निरंजन यादव ने उसे पढ़ाई के लिए जगाया।यह बात रंगीला को अपमानजनक या दबावपूर्ण लगी।

Diarch GO

वह बिना कुछ कहे घर से निकल गया।कुछ घंटे बाद गांव के एक बगीचे में पेड़ से उसका शव लटका मिला। यह सब इतनी जल्दी और अनपेक्षित रूप से हुआ कि न तो परिवार संभल सका, और न ही गांव।

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण: क्यों लेते हैं बच्चे ऐसा कदम?

12–16 वर्ष की उम्र में बच्चा शारीरिक रूप से किशोर हो रहा होता है, लेकिन मानसिक और भावनात्मक रूप से संवेदनशील और अस्थिर होता है।यदि इस समय दबाव, डांट या उपेक्षा मिले, तो वह असुरक्षा और आत्महीनता का शिकार हो सकता है।समझदारी की जगह डांट, सहानुभूति की जगह आदेश, और संवाद की जगह अपेक्षा हो तो ऐसी त्रासदी की नींव बन जाती है।

NSIT
Nsmch