LATEST NEWS

  • बीरपुर में एसएसबी ने शुरू किया 30 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण, सीमावर्ती युवाओं को मिलेगा डिजिटल कौशल
  • बीरपुर में एसएसबी ने शुरू किया 30 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण, सीमावर्ती युवाओं को मिलेगा डिजिटल कौशल

  • 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते BSEIDCL के कार्यपालक अभियंता रंगे हाथ गिरफ्तार, निगरानी की टीम ने दबोचा
  • 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते BSEIDCL के कार्यपालक अभियंता रंगे हाथ गिरफ्तार, निगरानी की टीम ने दबोचा

  • कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 90 करोड़ की लागत से बने कृषि बाजार समिति का किया निरीक्षण, दिए कई अहम निर्देश
  • कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 90 करोड़ की लागत से बने कृषि बाजार समिति का किया निरीक्षण,

  • Bihar News : अररिया जिला भाजपा कार्यालय में जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन, कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के कार्यों की जमकर की सराहना
  • Bihar News : अररिया जिला भाजपा कार्यालय में जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन, कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी

  • Bihar News : बक्सर के ‘मनचले’ शिक्षकों को भड़के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, दोनों आरोपी शिक्षकों पर POCSO एक्ट और स्पीडी ट्रायल का दिया आदेश
  • Bihar News : बक्सर के ‘मनचले’ शिक्षकों को भड़के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, दोनों आरोपी शिक्षकों पर POCSO

Bihar Poitics: बजट सत्र में बेचारा शब्द पर सियासी भूचाल! पासवान की विरासत पर बयान से बिहार की राजनीति में संग्राम

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधायक कुमार सर्वजीत द्वारा लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के लिए ‘बेचारा’ शब्द के इस्तेमाल पर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। ...

सांसद राजेश वर्मा
पासवान की विरासत पर बयान से बिहार की राजनीति में संग्राम- फोटो : reporter

Bihar Poitics: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में एक शब्द ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है कि सियासी गलियारों में घमासान मचा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधायक कुमार सर्वजीत द्वारा लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के लिए ‘बेचारा’ शब्द के इस्तेमाल पर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इसे लेकर लोजपा और राजद आमने-सामने आ गए हैं।

महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने खगड़िया पहुंचे सांसद राजेश वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान न सिर्फ अनुचित बल्कि करोड़ों वंचितों और दलितों की अस्मिता पर चोट है। उन्होंने दो टूक कहा कि राष्ट्रीय जनता दल को अपनी ज़ुबान पर लगाम लगानी चाहिए। “इन्हीं अल्फाज़ की बेलगाम रवायत ने उनकी सियासी ज़मीन कमजोर की है,” वर्मा ने तल्ख अंदाज़ में कहा।

Diarch GO

सांसद वर्मा ने मांग की कि तेजस्वी यादव सार्वजनिक तौर पर सामूहिक माफी मांगें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर माफी नहीं आई तो आंदोलन का सिलसिला रुकने वाला नहीं। “हम अपने रहनुमा के एहतराम पर कोई सौदा नहीं करेंगे,” उन्होंने साफ लहजे में ऐलान किया।

लोजपा इस मुद्दे को अपने संस्थापक की विरासत और सम्मान से जोड़कर देख रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है और विरोध-प्रदर्शन की रणनीति पर मंथन तेज हो गया है। उधर राजद खेमे से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, मगर सियासी बयानबाज़ी का दौर जारी है।

NSIT
Nsmch

 बजट सत्र के बीच उठा यह विवाद विधानसभा के भीतर और बाहर सियासी तापमान को और बढ़ा रहा है  है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा महज़ एक शब्द से बढ़कर राजनीतिक अस्मिता और गठबंधन समीकरणों का केंद्र बन सकता है।

अमित की रिपोर्ट