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कटिहार नगर निगम के नाला निर्माण का भारी विरोध ! किसानों ने खोला मोर्चा, भारी बवाल

नगर निगम प्रशासन शहर में जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बेगना तियारपाड़ा होकर नाला निर्माण कराने की योजना पर काम कर रही है जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं

Katihar Municipal Corporation
Katihar Municipal Corporation- फोटो : news4nation

Bihar News :  कटिहार नगर निगम क्षेत्र के बेगना तियारपाड़ा में नाला निर्माण को लेकर जमकर हंगामा हुआ। शहर के जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से खुदाई कराने पहुंची नगर निगम की टीम को स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी हो गई कि करीब दो घंटे तक नगर निगम के अधिकारी, कर्मी और जेसीबी मशीन मौके पर ही रुके रहे।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम प्रशासन शहर में जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए बेगना तियारपाड़ा होकर नाला निर्माण कराने की योजना पर काम कर रही है। इसी के तहत नगर आयुक्त, कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारी जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे थे और पानी निकासी के लिए खुदाई शुरू कराई गई।

खुदाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और कार्य को रोक दिया। किसानों का आरोप था कि नाला निर्माण के नाम पर शहर का गंदा पानी सीधे उनके खेतों में छोड़ा जाएगा, जिससे फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। किसानों ने कहा कि खेतों में अभी मक्का, धान और मखाना की खेती हो रही है। गंदा पानी आने से जमीन बंजर होने का खतरा भी पैदा हो जाएगा।

स्थानीय किसान मो. फकरुद्दीन और मो. रईस ने बताया कि यह उनकी पुस्तैनी जमीन है और करीब 50 एकड़ क्षेत्र में खेती की जाती है। इसके अलावा अन्य किसानों की भी जमीन इसी इलाके में है। किसानों ने कहा कि अगर नगर निगम पानी निकासी करना चाहता है तो पहले पंपसेट लगाकर पानी का स्तर कम किया जाए, ताकि खेतों और फसल को नुकसान न पहुंचे।

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किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के जबरन पानी छोड़ा गया तो वे इसका विरोध जारी रखेंगे। साथ ही मांग की कि यदि फसल को नुकसान होता है तो जिला प्रशासन सभी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दे। किसानों के अनुसार, इस इलाके में करीब 100 से अधिक किसान खेती पर निर्भर हैं। करीब दो घंटे तक चले विरोध और हंगामे के बाद नगर निगम प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए कुछ दूरी पर खुदाई कर पानी निकासी की व्यवस्था शुरू कराई। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।