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Bihar LPG Crisis: गैस कालाबाजारी का सनसनीखेज खुलासा, सड़क पर ट्रक से निजी कार्ड की आड़ में काला कारोबार, ड्राइवर भागा

Gas black marketing scandal
गैस कालाबाजारी का सनसनीखेज खुलासा- फोटो : reporter

Bihar LPG Crisis: गैस की क्राइसिस के शोर-शराबे के बीच प्रशासन के सजगता के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जिलों से ऐसी तस्वीरें उभर रही हैं जो कालाबाजारी के काले खेल की ओर इशारा कर रही हैं। मामला कटिहार का है, जहां रानी सती गैस एजेंसी का एक ट्रक गैस सिलेंडरों से लदा हुआ सड़क किनारे खड़ा था। ड्राइवर मोटरसाइकिल सवारों को बीच राह में गैस डिलीवर कर रहा था, मानो कोई बाजार लगाया हो! ये दृश्य देखकर आंखें फटी की फटी रह गईं। जब गैस लेने वालों से कागजात पूछे गए, तो वे कैमरा देखते ही मोटरसाइकिल घुमाकर फुर्र हो गए, जैसे चोर पकड़े गए हों।

ट्रक ड्राइवर से सवाल किया गया तो उसका जवाब और भी चौंकाने वाला था। बोला, "ये निजी कार्ड के गैस हैं, अपने लोगों को दे रहे हैं।" लेकिन जब नाम पूछा गया, तो आरोपी ड्राइवर बात बदलने लगा, बहाने बनाने लगा। ये साफ इशारा है कि यहां कालाबाजारी का बड़ा रैकेट चल रहा है। एनएच से सटे सड़क किनारे, जहां न एजेंसी का गोदाम है न ऑफिस, वहां बिना पहचान वाले आदमियों को गैस बांटना क्या कोई मजाक है? ये तो सरासर धंधा है, जहां गरीबों की गैस अमीरों की जेब में जा रही है।

जिलाधिकारी का दावा है कि कटिहार में गैस स्टॉक की कोई कमी नहीं, क्राइसिस का नामोनिशान नहीं। कालाबाजारी रोकने के लिए आधा दर्जन दलों का गठन किया गया है, जो इलाके में सक्रिय हैं। लेकिन ये तस्वीरें उनके दावों पर थप्पड़ मार रही हैं। अगर स्टॉक पर्याप्त है, तो सड़क पर ये डिलीवरी क्यों? क्या ये दलों की आंखों में धूल झोंकने का खेल है? जांच की जरूरत है कि एजेंसी के ट्रक से गैस कहां-कहां जा रही है, किस-किस को फायदा पहुंच रहा है।

 हो सकता है, बड़े-बड़े अफसरों की मिलीभगत हो, या फिर लोकल गुंडों का हाथ।गैस की किल्लत के इस दौर में, जहां आम आदमी लाइन में खड़ा होकर सिलेंडर की राह देखता है, वहां ये काला बाजार फल-फूल रहा है। सूत्र बताते हैं कि ऐसे कई एजेंसियां हैं जो 'निजी कार्ड' की आड़ में गैस को ऊंचे दामों पर बेच रही हैं। मोटरसाइकिल सवारों की भागदौड़ से साफ है कि वे पकड़े जाने के डर से फरार हुए। ड्राइवर का बहाना भी कमजोर है- बिना नाम-पते के 'अपने लोग' कौन? ये तो सरासर धोखा है, जहां गैस की सप्लाई चेन में सेंध लगाई जा रही है।प्रशासन को अब सख्ती बरतनी चाहिए। उन दलों को और एक्टिव करना होगा, जो सिर्फ कागजों पर घूम रहे हैं। 

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कटिहार जैसे जिलों में छापेमारी बढ़ानी होगी, ट्रकों की ट्रैकिंग करनी होगी। अगर ये कालाबाजारी नहीं रुकी, तो क्राइसिस और गहराएगी, और आम जनता का जीना हराम हो जाएगा। क्या जिलाधिकारी अब भी दावा करेंगे कि सब ठीक है? या फिर इस खुलासे के बाद जांच का आदेश देंगे? वक्त है सच्चाई सामने लाने का, वरना ये काला कारोबार और फैलेगा। 

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह