Bihar School News: पानी से घिरे स्कूल में पढ़ाई संग जिंदगी बचाने का सबक, बच्चे सीख रहे बाढ़ से लड़ने का हुनर

Bihar School News: बच्चों को बाढ़ और आपदा से बचाव की विशेष जानकारी दी जा रही है। ...

Flood Lessons in Katihar
पढ़ाई संग जिंदगी बचाने का सबक- फोटो : reporter

Bihar School News:बिहार के कई इलाकों में इन दिनों गंगा, बरांडी और कोसी नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव ने लोगों की बेचैनी बढ़ा रखी है। कटिहार के कई प्रखंडों में बाढ़ का पानी स्कूलों तक पहुंच चुका है। ऐसे मुश्किल हालात के बीच बरारी प्रखंड का प्राथमिक विद्यालय हाशिमपुर बालक बच्चों को सिर्फ किताबों का पाठ नहीं पढ़ा रहा, बल्कि उन्हें मुसीबत के वक्त जिंदगी बचाने का हुनर भी सिखा रहा है।

बरांडी नदी से घिरे इलाके में स्थित इस विद्यालय में मुख्यमंत्री सुरक्षित शनिवार के तहत बच्चों को बाढ़ और आपदा से बचाव की विशेष जानकारी दी जा रही है। मकसद साफ है अगर अचानक बाढ़ का पानी बढ़ जाए या कोई बच्चा अथवा उसका परिवार आपदा में फंस जाए तो घबराने के बजाय सही कदम उठाया जा सके।

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विद्यालय की शिक्षिका वंदना बच्चों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली एहतियाती तदाबीर के बारे में बता रही हैं। बच्चों को समझाया जा रहा है कि बाढ़ के दौरान पानी में उतरने, तेज बहाव के करीब जाने और बिजली के तारों से दूरी बनाए रखना कितना जरूरी है। इसके साथ ही आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित निकालने और जरूरत पड़ने पर दूसरे लोगों की मदद करने के तरीके भी बताए जा रहे हैं।खास बात यह है कि बच्चों को सिर्फ किताबी या सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है। उन्हें प्रैक्टिकल के जरिए भी आपदा के वक्त बचाव के तरीके समझाए जा रहे हैं। बच्चों को बताया जा रहा है कि संकट की घड़ी में किस तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचना है और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कैसे करना है।

बाढ़ और आपदा प्रबंधन की जानकारी को बच्चों के लिए आसान और दिलचस्प बनाने के लिए ड्राइंग का सहारा भी लिया जा रहा है। छात्र-छात्राएं चित्रों के जरिए सुरक्षित स्थान, बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां और बचाव के तरीकों को समझ रहे हैं।बच्चों का कहना है कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ से बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की खबरों ने उन्हें भी चिंतित किया है। उनके इलाके में भी नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। ऐसे में स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ बाढ़ से बचाव की यह तालीम उनके लिए बेहद कारगर साबित हो रही है।छात्राओं के मुताबिक उन्हें यह बताया गया है कि अगर वे कभी बाढ़ में फंस जाएं तो खुद को और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित कैसे रखें। यह जानकारी उनके लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बच्चों को अक्सर परिवार के दूसरे सदस्यों की मदद भी करनी पड़ती है।

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विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद इकराम भी इस पहल को जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सुरक्षित शनिवार के तहत बच्चों को आपदा से बचाव की जानकारी देना बेहद जरूरी है, खासकर ऐसे इलाके में जहां बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहता है।दरअसल, यह पहल महज एक स्कूल की गतिविधि नहीं, बल्कि आपदा के सामने तैयार रहने की एक छोटी मगर अहम कोशिश है। बच्चों को अगर कम उम्र में सही तदाबीर और बचाव के तौर-तरीके मालूम हों तो वे न सिर्फ खुद को महफूज रख सकते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने परिवार और आसपास के लोगों की मदद भी कर सकते हैं।बाढ़ के बदलते मिजाज के बीच कटिहार के इस स्कूल में बच्चे किताबों के साथ जिंदगी की हिफाजत का सबक भी सीख रहे हैं।

रिपोर्ट-श्याम कुमार सिंह