LATEST NEWS

  • Bihar News : पटना में अज्ञात वाहन बाइक सवार युवकों को रौंदा, इलाज के दौरान दो की हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम
  • Bihar News : पटना में अज्ञात वाहन बाइक सवार युवकों को रौंदा, इलाज के दौरान दो की हुई

  • Bihar News : मोतीहारी में 60 लाख रूपये के वेतन घोटाला को लेकर एसीएस सी के अनिल ने दी चेतावनी, 2-3 दिन में रिकवरी नहीं होने पर होगी कार्रवाई
  • Bihar News : मोतीहारी में 60 लाख रूपये के वेतन घोटाला को लेकर एसीएस सी के अनिल ने

  • Bihar News : बिहार के IPS आशीष भारती सहित 7 पुलिस अधिकारियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक सम्मान,72 घंटे में अपहृत की सकुशल बरामदगी, फिर 10 अपराधियों को उम्रकैद;
  • Bihar News : बिहार के IPS आशीष भारती सहित 7 पुलिस अधिकारियों को मिला केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता

  • Bihar Politics : दो निर्दलीयों की BJP में एंट्री से NDA में सियासी भूचाल! जेडीयू को हराने वाले बने बीजेपी के साथी, गठबंधन धर्म की उड़ी धज्जियां!
  • Bihar Politics : दो निर्दलीयों की BJP में एंट्री से NDA में सियासी भूचाल! जेडीयू को हराने वाले

  • Bihar News : पटना में बनी फीचर फिल्म 'बोध' का बापू टावर में हुआ विशेष प्रदर्शन, कलाकारों के साथ फिल्म विशेषज्ञों ने किया शिरकत
  • Bihar News : पटना में बनी फीचर फिल्म 'बोध' का बापू टावर में हुआ विशेष प्रदर्शन, कलाकारों के

PATNA HIGHCOURT NEWS - दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा पा चुके आरोपी को हाईकोर्ट ने किया बरी, पुलिस नहीं पेश कर सकी यौन उत्पीड़न के पुख्ता सबूत

पटना हाई कोर्ट ने दुष्कर्म करने के एक मामले में 20 साल की क़ैद पाये सज़ा पाये आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट ने इस दौरान कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि युवती से यौन उत्पीड़न हुआ हो।

 PATNA HIGHCOURT NEWS - दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा

PATNA - पटना हाई कोर्ट ने बलात्कार करने के एक मामले में 20 साल की क़ैद पाये सज़ा पाये अभियुक्त को बरी कर दिया।जस्टिस आशुतोष कुमार एवं जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मुकेश कुमार की अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया।

 पीड़िता ने बहेड़ा (दरभंगा) थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया था कि अपीलकर्ता ने वर्ष 2020 में साथ शादी करने का वादा कर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।इसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई।

दरभंगा की विशेष अदालत ने आईपीसी की धारा 376(2)(एन) एवं  पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत  दोषी पाते हुए उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई।

हाई कोर्ट ने तथ्यों का अवलोकन कर पाया कि यौन उत्पीड़न या गर्भपात के कोई लक्षण नहीं पाए गए। कोर्ट ने यह भी पाया कि प्राथमिकी एक पंचायती के बाद दर्ज की गई थी, जिसमें पीड़िता के पिता को 6 लाख रुपये मिले थे।

NSIT
Nsmch

कोर्ट ने अपीलकर्ता के खिलाफ आरोपों को संदिग्ध पाते हुए उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया और उसे तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।