LATEST NEWS

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

  • Siwan Police Raid liquor mafia rinku pandey
  • Siwan Police Raid: कुख्यात शराब तस्कर रिंकू पांडेय के घर छापेमारी, 10,000 रुपये का इनामी फरार

Bihar News: 28 लाख का कर्ज, डेढ़ करोड़ का बोझ, नीलामी पर कैमूर में जल संसाधन विभाग की ज़मीन

Bihar News:कैमूर जिले के मोहनिया में गुरुवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने सरकारी विभाग की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। सिविल कोर्ट मोहनिया के आदेश पर जल संसाधन विभाग के कार्यालय परिसर में डुगडुगी बजाकर इश्तहार चिपकाए गए।

Bihar News:  28 लाख का कर्ज, डेढ़ करोड़ का बोझ, नीलामी पर कै

N4N डेस्क:बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया में गुरुवार को ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने सरकारी विभाग की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। सिविल कोर्ट मोहनिया के आदेश पर जल संसाधन विभाग के कार्यालय परिसर में डुगडुगी बजाकर इश्तहार चिपकाए गए। अदालत ने साफ कर दिया है कि विभाग का बकाया नहीं चुकाने पर अब उसकी ज़मीन की नीलामी होगी।

अदालत ने नीलामी की कार्रवाई के तहत विभागीय कार्यालय समेत आसपास की कुल 3.75 एकड़ जमीन को नीलामी सूची में शामिल किया है। आदेश के बाद गुरुवार को नापी की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई और रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई।

Diarch GO

मामला मेसर्स शिव शंकर कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। कंपनी का आरोप है कि 1992 से जल संसाधन विभाग पर उसका 28 लाख रुपये बकाया है। विभाग की ढीलाई और आदेश की अनदेखी के चलते यह रकम ब्याज सहित अब बढ़कर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

पहले कंपनी ने व्यवहार न्यायालय, भभुआ में गुहार लगाई थी। वहां से विभाग को भुगतान का आदेश दिया गया, लेकिन आदेश की अनदेखी हुई। आखिरकार कंपनी ने मोहनिया सिविल कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, जहां से अब सख्त कार्रवाई का फरमान जारी हुआ।

NSIT
Nsmch

अधिवक्ता प्रमोद कुमार पांडे के मुताबिक जैसे ही डुगडुगी बजी और इश्तहार चिपकाए गए, विभागीय कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। हर किसी के ज़ेहन में सवाल था कि “क्या सरकारी विभाग की ज़मीन भी नीलाम हो सकती है?”

यह घटना सिर्फ़ कैमूर या जल संसाधन विभाग तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की लापरवाही और अकर्मण्यता की पोल खोलती है।28 लाख की अदायगी न कर पाने की लापरवाही अब विभाग को डेढ़ करोड़ के बोझ और ज़मीन गंवाने की नौबत तक खींच लाई है।