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Gold loot: 1 किलो सोना बरामद करना बना पुलिस के लिए चुनौती, फरार सिपाहियों की तलाश तेज

Gold loot: गया में GRP जवानों द्वारा 1 किलो सोना लूट कांड में SIT के सामने सबसे बड़ी चुनौती सोने की बरामदगी बन गई है। इसके अलावा मामले से जुड़े पुलिसकर्मी फरार चल रहे हैं।

 Gold loot
गया GRP सोना लूट मामला- फोटो : social media

 Gold loot:  बिहार में राजकीय रेल पुलिस (GRP) से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला इन दिनों पुलिस महकमे के लिए गले की फांस बना हुआ है। एक स्वर्ण व्यवसायी के कर्मचारी से कथित तौर पर लगभग 1 किलो सोने की लूट के इस हाई-प्रोफाइल कांड में अब तक सबसे बड़ी चुनौती लूटे गए सोने की बरामदगी और फरार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी बनी हुई है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक सोने का सुराग नहीं मिल पाया है।

ट्रेन की जनरल बोगी में हुई थी सनसनीखेज वारदात

यह घटना 21 नवंबर 2025 की है। स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनी का कर्मचारी धनंजय शाश्वत लगभग 1 किलो सोना लेकर 22307 हावड़ा–जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की जनरल बोगी में यात्रा कर रहा था। कोडरमा से गया के बीच सफर के दौरान कथित तौर पर रेल पुलिस के जवानों ने उससे सोना लूट लिया।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए गया जीआरपी थाना के तत्कालीन एसएचओ राजेश कुमार सिंह की शिकायत पर स्वर्ण कूरियर और चार अज्ञात कांस्टेबलों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआत में मामला एक सामान्य लूट जैसा लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही कहानी ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया।

शिकायतकर्ता SHO ही निकला मास्टरमाइंड

रेल डीएसपी स्तर की जांच में सामने आए तथ्यों ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया। जिस एसएचओ राजेश कुमार सिंह ने खुद इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई थी, वही इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य आरोपी निकला। सेलफोन लोकेशन,वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी सबूत ने धीरे-धीरे पुलिसकर्मियों की भूमिका उजागर कर दी। साक्ष्यों के आधार पर एसएचओ सहित चार कांस्टेबलों को नामजद आरोपी बनाया गया।

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SHO जेल में, जमानत याचिका खारिज

मुख्य आरोपी राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। सोमवार को विशेष रेल अदालत ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अदालत और जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।

SIT के सामने सबसे बड़ी चुनौती: सोने की बरामदगी

हालांकि जांच एजेंसियों को आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं, लेकिन लूटे गए 1 किलो सोने की बरामदगी अब तक नहीं हो पाई है। सूत्रों के मुताबिक चारों आरोपी कांस्टेबल निलंबित किए जा चुके हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार ठिकाने बदल रहे हैं। माना जा रहा है कि लूटे गए सोने की सटीक जानकारी इन्हीं के पास है। इसी कारण SIT की प्राथमिकता इन चारों की गिरफ्तारी बन गई है।

रेल DIG ने जताया भरोसा, लेकिन व्यापारी पर उठे सवाल

रेल डीआईजी राजीव मिश्रा ने जांच की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि पुलिस के पास पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद हैं और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनी जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे जांच की गति प्रभावित हो रही है।