गयाजी सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन पर बदली व्यवस्था: बहनों ने जेल गेट पर जमा कराई राखी और मिठाई, सलाखों के पार पहुंचा स्नेह

गयाजी जिले मे इस बार सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर गया सेंट्रल जेल प्रशासन द्वारा नियमों में बदलाव किया गया था। इस नई व्यवस्था के तहत बहनों को जेल के अंदर प्रवेश करने और अपने भाइयों की कलाई पर सीधे राखी बांधने की अनुमति नहीं मिली...

गयाजी सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन पर बदली व्यवस्था: बहनों ने ज
गयाजी सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन पर बदली व्यवस्था- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गया सेंट्रल जेल के बाहर शुक्रवार सुबह से ही बहनों की भारी भीड़ देखने को मिली। अपने बंदी भाइयों के प्रति स्नेह और अटूट प्रेम व्यक्त करने के लिए दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में बहनें जेल परिसर पहुंचीं। हाथों में राखी और मिठाइयों की थाली लिए बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सलामती की कामना कर रही थीं।


प्रशासन के नए नियमों से बदला मुलाकात का तरीका 

इस बार सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर गया सेंट्रल जेल प्रशासन द्वारा नियमों में बदलाव किया गया था। इस नई व्यवस्था के तहत बहनों को जेल के अंदर प्रवेश करने और अपने भाइयों की कलाई पर सीधे राखी बांधने की अनुमति नहीं मिली। अपने हाथों से भाइयों को रक्षा सूत्र न बांध पाने के कारण कई बहनें थोड़ी निराश जरूर नजर आईं।


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जेल गेट पर जमा कराई गई राखी और मिठाई 

जेल प्रशासन ने बहनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राखी और मिठाई जमा करने के लिए विशेष प्रबंध किए थे। जेल गेट पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा बहनों से राखी लिफाफे और मिठाइयां प्राप्त की गईं। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि सुरक्षा जांच के बाद ये सामग्रियां संबंधित बंदी भाइयों तक सही समय पर पहुंचा दी जाएं।


सलाखों के पार भी कायम रहा भावनाओं का अटूट रिश्ता 

भले ही कड़े नियमों के कारण बहनें अपने भाइयों के सामने जाकर खुद राखी न बांध सकीं, लेकिन जेल की ऊंची दीवारों के पार भी भाई-बहन का प्रेम साफ झलका। जेल गेट पर बहनों की आंखें अपने भाइयों की याद में नम थीं, वहीं प्रशासन के जरिए भाइयों तक प्यार पहुंचने से सलाखों के पीछे भी रक्षाबंधन का यह पर्व भावनाओं से सराबोर नजर आया।


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सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ रक्षाबंधन 

कड़े सुरक्षा घेरे के बीच भी जेल प्रशासन की इस व्यवस्था से बहनों द्वारा भेजा गया प्यार और रक्षा सूत्र उनके भाइयों तक पहुंच गया। आमने-सामने मुलाकात न होने के बावजूद भी जेल परिसर में रक्षाबंधन की मिठास और भाई-बहन के इस अटूट बंधन का उत्साह बना रहा।


मनोज कुमार की रिपोर्ट