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Bihar Health: दरभंगा पीएचसी में शर्मनाक लापरवाही… नसबंदी के बाद ठंड में फर्श पर तड़पती रहीं 22 महिलाएँ , स्वास्थ्य विभाग की क्रूर हकीकत बेनकाब

Bihar Health: दरभंगा से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जो बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की बर्बाद हकीकत को बेपर्दा करती है।

Shock at Darbhanga PHC
नसबंदी के बाद ठंड में फर्श पर तड़पती रहीं 22 महिलाएँ- फोटो : reporter

Bihar Health:  दरभंगा से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जो बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की बर्बाद हकीकत को बेपर्दा करती है।  मामला सदर प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  का है, जहाँ परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत 22 महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन किया गया। लेकिन ऑपरेशन के बाद जिन सुविधाओं का वादा गाइडलाइन में किया जाता है—वार्ड, बेड, कंबल, हीटर और सुरक्षित कमरा—इनमें से एक भी चीज़ अस्पताल ने मुहैया नहीं कराई। ऑपरेशन के बाद मरीजों को नालायक ढंग से खुले बरामदे और ठंडे फर्श पर सिर्फ एक साधारण गदा बिछाकर सुला दिया गया।

कड़ाके की ठंड में महिलाएं दर्द से कराहती रहीं, बदन काँपता रहा, और साथ आए परिजन पूरी रात बेबस तमाशबीन बने बैठे रहे। मच्छरदानी तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि यह स्वास्थ्य विभाग की अनिवार्य गाइडलाइन का हिस्सा है। मरीजों को चाय-पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी नसीब नहीं हुई। महिलाओं को जिस देखभाल और गर्माहट की जरूरत थी, उसकी जगह मिला ठंड, दर्द और अस्पताल प्रशासन की बेरुख़ी।

परिजनों ने इसे गंभीर आपराधिक लापरवाही बताया और कहा कि अगर सरकार परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफल बनाना चाहती है, तो पहले महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की गारंटी देनी होगी। लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। वह इसे स्वास्थ्य प्रणाली की नाकामी, भ्रष्टाचार और अमानवीय रवैये का जीवंत सबूत बता रहे हैं।

वहीं अस्पताल के डॉक्टर सफाई देते हुए बोले कि बेड और कमरे की कमी थी… जितना था, उतना दिया।लेकिन सवाल यह है कि 22 महिलाओं का ऑपरेशन करने से पहले क्षमता और संसाधनों की जाँच क्यों नहीं हुई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर महिलाओं की ज़िंदगी से खिलवाड़? इस पूरे मामले ने परेशान करने वाला सच उजागर किया है बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था अब भी ज़मीन पर ठंडी लाश की तरह पड़ी है।

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रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर