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Bihar News: डीएमसीएच में मरीजों के खाने पर संकट, गैस खत्म होने की कगार पर, रोटी बंद… अब चावल-दाल से चल रहा गुज़ारा

डीएमसीएच यानी दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों मरीजों के खाने पर संकट के काले बादल मंडराने लगे हैं।

Food Crisis at DMCH
डीएमसीएच में मरीजों के खाने पर संकट- फोटो : reporter

Darbhanga:डीएमसीएच यानी दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों मरीजों के खाने पर संकट के काले बादल मंडराने लगे हैं। उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में जहां रोज़ाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहीं अब उनके पेट भरने की व्यवस्था भी मुश्किल में पड़ती दिखाई दे रही है। गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण अस्पताल के किचन में चूल्हा ठंडा पड़ने की नौबत आ गई है। हालात ऐसे हैं कि अब मरीजों को रोटी की जगह चावल-दाल और सब्जी देकर काम चलाया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि डीएमसीएच में मरीजों और स्टाफ के लिए भोजन बनाने की जिम्मेदारी जीविका समूह के पास है। जीविका के मैनेजर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि अस्पताल के किचन में रोजाना औसतन तीन से चार गैस सिलेंडर की खपत होती है, क्योंकि यहां करीब 1600 से 1700 मरीजों और स्टाफ के लिए भोजन तैयार किया जाता है। लेकिन फिलहाल स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है, क्योंकि किचन में अब सिर्फ तीन सिलेंडर ही बचे हैं, जो मुश्किल से एक दिन का काम चला सकते हैं।

Diarch GO

आशुतोष मिश्रा के मुताबिक बुधवार की रात से ही मरीजों को रोटी देना बंद कर दिया गया है। इसकी वजह साफ है रोटी बनाने में गैस की खपत ज्यादा होती है। ऐसे में बची हुई गैस को बचाने के लिए अब मरीजों को चावल, दाल और सब्जी ही परोसी जा रही है। उन्होंने बताया कि गुरुवार तक किसी तरह काम चल सकता है, लेकिन शुक्रवार से मरीजों के भोजन पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस गंभीर स्थिति की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है और सरकार से अनुरोध किया गया है कि अस्पताल जैसी इमरजेंसी सेवा के लिए तुरंत गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

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वहीं अस्पताल के किचन में काम कर रही रेखा देवी ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से यहां भोजन बनाने का काम कर रही हैं, लेकिन ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं आई। उनके मुताबिक अब सिर्फ एक दिन का गैस स्टॉक बचा हुआ है और इसकी सूचना मैनेजर को दे दी गई है, जिन्होंने आगे अधिकारियों को अवगत कराया है।

इधर पिछले तीन-चार दिनों से दरभंगा के गैस गोदामों के बाहर भी लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग सुबह-सुबह सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लग रहे हैं। इस बढ़ती समस्या को देखते हुए बुधवार देर शाम दरभंगा सदर एसडीओ विकास कुमार की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति विभाग की बैठक भी हुई, जिसमें गैस आपूर्ति को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर