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Bihar Gas Crisis: गैस सिलेंडर की कमी से चाय-नाश्ते की दुकानों पर असर, कई दुकानें बंद, चाय हुई महंगी

Bihar Gas Crisis: गैस सिलेंडर की कमी का असर चाय-नाश्ते की दुकानों पर दिखने लगा है। कई दुकानदार लकड़ी और कोयले पर चाय बना रहे हैं, जिससे चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़कर 12 रुपये तक पहुंच गई है।

Bihar Gas Crisis
गैस सिलेंडर की कमी से मचा हाहाकार!- फोटो : social media

Bihar Gas Crisis: देश में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर अब छोटे-छोटे चाय और नाश्ते की दुकानों पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस नहीं मिलने की वजह से कई दुकानों को बंद करना पड़ा है, जबकि कुछ दुकानदार लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर काम चला रहे हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

चौक-चौराहों पर मिलने वाली चाय की कीमत पहले 10 रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 12 रुपये तक पहुंच गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है, इसलिए उन्हें मजबूरी में दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

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लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़े

दुकानदारों के अनुसार पहले लकड़ी 12 से 15 रुपये प्रति किलो मिलती थी, जो अब बढ़कर 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं कोयले की कीमत भी 20 रुपये से बढ़कर लगभग 30 रुपये प्रति किलो हो गई है। चाय विक्रेता कन्हैया मंडल का कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने से दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। परिवार चलाने के लिए अब उन्हें लकड़ी और कोयले पर चाय बनानी पड़ रही है। लेकिन इनकी कीमत भी काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि लकड़ी और कोयले पर चाय बनाने में ज्यादा समय लगता है, जिससे काम धीमा हो जाता है। इसी वजह से चाय की कीमत थोड़ी बढ़ानी पड़ी है।

होटल और रेस्टोरेंट भी प्रभावित

गैस की कमी का असर सिर्फ छोटी दुकानों तक सीमित नहीं है। कई होटल और रेस्टोरेंट भी कोयले पर खाना बनाने को मजबूर हैं। इससे उनके खर्च बढ़ गए हैं और मेन्यू के दाम भी बढ़ाने पड़े हैं।

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ग्राहकों की भी बढ़ी परेशानी

ग्राहक आलोक कुमार का कहना है कि गैस सिलेंडर की कमी से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई घरों में खाना बनाने में दिक्कत हो रही है और लोग लकड़ी, इंडक्शन या कोयले के चूल्हे का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संकट का असर रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ रहा है और चाय की कीमत में 2 से 4 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है