LATEST NEWS

  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को मजबूर लोग
  • वैशाली में गंगा और गंडक का तांडव: हाजीपुर के दर्जनों गांव जलमग्न, डीआरसीसी में घुसा पानी, पलायन को

  • Bihar Cabinet Controversy:
  • बिहार कैबिनेट में ठेका बहाली पर घमासान: दो वरिष्ठ मंत्रियों में तीखी बहस, CM को करना पड़ा हस्तक्षेप

  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट
  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट

  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर की आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर

  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया GMCH रेफर
  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया

Bihar School News : निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन की नजर, 30 दिनों के भीतर यहाँ दर्ज कराएं शिकायत, होगी कार्रवाई

Bihar School News : निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन की कड़ी नजर है. अभिभावक यहाँ अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.......पढ़िए आगे

Bihar School News : निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन की नजर
स्कूलों की मनमानी पर रोक - फोटो : SOCIAL MEDIA

DARBHANGA : जिले के निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से मनमाने तरीके से शुल्क वसूले जाने की शिकायतों को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने "बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2019" का हवाला देते हुए एक कड़ा आदेश जारी किया है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि ट्यूशन, विकास या वार्षिक शुल्क के नाम पर अब स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। प्रशासन के इस रुख से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो लगातार बढ़ती फीस और अन्य खर्चों से परेशान थे।

नए आदेश के अनुसार, अब किसी भी निजी स्कूल के लिए अपनी फीस का विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। स्कूलों को प्रवेश, पुनर्नामांकन और मासिक शुल्क सहित सभी मदों की जानकारी विद्यालय के सूचना पट्ट (Notice Board) और वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होगी। सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि कोई भी विद्यालय पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में अधिकतम 7 प्रतिशत से ज्यादा शुल्क नहीं बढ़ा सकेगा। इससे अधिक वृद्धि करने के लिए विद्यालय को 'शुल्क विनियमन समिति' से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

Diarch GO

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें, कॉपियाँ या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। विद्यालयों को कक्षावार पुस्तकों और ड्रेस की सूची सार्वजनिक करनी होगी, ताकि अभिभावक अपनी सुविधानुसार कहीं से भी खरीदारी करने के लिए स्वतंत्र रहें। यदि कोई स्कूल किसी खास दुकान का दबाव बनाता है, तो इसे अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए अधिनियम के तहत एक समिति का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष प्रमंडलीय आयुक्त होंगे। इस समिति को स्कूलों के रिकॉर्ड की जाँच और सुनवाई का पूरा अधिकार होगा। यदि अभिभावकों को लगता है कि फीस में गलत तरीके से वृद्धि की गई है, तो वे वृद्धि के 30 दिनों के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, अब सभी निजी स्कूलों के लिए अपने खातों का चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से ऑडिट कराना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

NSIT
Nsmch

नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में प्रथम अपराध पर 1 लाख रुपये और दोबारा उल्लंघन करने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को इस आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। प्रशासन की इस सक्रियता से जिले के शैक्षणिक माहौल में पारदर्शिता आने और छात्र हितों की रक्षा होने की प्रबल संभावना है।

वरुण ठाकुर की रिपोर्ट