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Bihar News: न कंपनी आई, न अधिकारी पहुंचे... बेतिया के जॉब कैंप में बेरोजगार युवाओं के साथ बड़ा मजाक

Bihar News:जिस रोजगार मेले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से प्रचार-प्रसार किया गया था और जिसकी सूचना डीपीआरओ की विज्ञप्ति के माध्यम से जारी की गई थी, वह आयोजन महज बैनर और दो कुर्सियों तक सिमटकर रह गया।

Job Camp Banner Up But No Officials or Firms Turn Up
बेरोजगार युवाओं के साथ बड़ा मजाक- फोटो : News4Nation

Bihar News: पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित जिला नियोजनालय परिसर में गुरुवार को आयोजित होने वाला जॉब कैंप सवालों के घेरे में आ गया। जिस रोजगार मेले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से प्रचार-प्रसार किया गया था और जिसकी सूचना डीपीआरओ की विज्ञप्ति के माध्यम से जारी की गई थी, वह आयोजन महज बैनर और दो कुर्सियों तक सिमटकर रह गया। नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचे दर्जनों युवाओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, श्रम संसाधन विभाग के जिला नियोजनालय परिसर में 18 जून 2026 को जॉब कैंप आयोजित होने की सूचना जारी की गई थी। सरकारी सूचना पर भरोसा कर बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक-युवतियां निर्धारित समय पर मौके पर पहुंचे। लेकिन वहां का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। परिसर में सिर्फ जॉब कैंप का बैनर और कुछ कुर्सियां लगी थीं, जबकि न तो कोई अधिकारी मौजूद था और न ही किसी निजी कंपनी का प्रतिनिधि।

Diarch GO

रोजगार की आस लेकर पहुंचे युवाओं का कहना था कि सरकारी सूचना के आधार पर वे दूर-दराज के इलाकों से यहां पहुंचे थे। कई अभ्यर्थियों ने किराया खर्च कर और जरूरी दस्तावेज लेकर जॉब कैंप में भाग लेने की तैयारी की थी। लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि कैंप का कोई वास्तविक आयोजन ही नहीं हो रहा है।

इस घटना के बाद युवाओं में भारी नाराजगी देखी गई। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब कोई कंपनी आने वाली नहीं थी और अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं थी, तो फिर जॉब कैंप की घोषणा क्यों की गई? युवाओं का आरोप है कि इस तरह के आयोजन बेरोजगारों की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ हैं।

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अब यह मामला प्रशासनिक लापरवाही, समन्वय की कमी या किसी अन्य कारण से हुआ, यह जांच का विषय है। लेकिन इतना जरूर है कि रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए यह दिन निराशा और नाराजगी छोड़ गया। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का यह फासला एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

रिपोर्ट- आशीष कुमार