LATEST NEWS

  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी
  • Bihar News : मोकामा नगर परिषद कर्मचारी पर महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, कहा अश्लील फोटो वायरल

  • Fatuha Patna Liquor Raid
  • कानपुर से पटना पहुंची सवा करोड़ की शराब! खाद की बोरियों के नीचे छिपाकर लाई गई,उत्पाद विभाग का

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने से जेल में था बंद
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के आरोपी पति अमरजीत कुमार को दी जमानत, 7 महीने

  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप किया बरामद, चालक को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : गया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रक पर लोड विदेशी शराब की बड़ी खेप

  • Siwan Police Raid liquor mafia rinku pandey
  • Siwan Police Raid: कुख्यात शराब तस्कर रिंकू पांडेय के घर छापेमारी, 10,000 रुपये का इनामी फरार

Bihar Land Mutation: सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज में कर रहे थे खेला, अब पूर्व सीओ सहित तीन पर गिरी गाज, FIR दर्ज

Bihar Land Mutation: बिहार के बगहा से बड़ा मामला सामने आया है। जहां सरकारी जमीन के दाखिल-खारिज में अधिकारी खेल कर रहे थे। विभाग ने इन पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी कर दिया है।

Bihar Land Mutation
Bihar Land Mutation- फोटो : social media

Bihar Land Mutation: बिहार में जमीन सर्वे का काम चल रहा है। ऐसे में जमीन से जुड़ी हर परेशानी को दूर करने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच कई स्थानों से गड़बड़ी और लापरवाही की खबर भी सामने आ रही है। इसी बीच सरकारी जमीन के साथ खेल करने वाले तीन अधिकारियों पर गाज गिरी है। तीनों अधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया गया है। 

सरकारी जमीन से रिश्वत का खेल 

दरअसल, मामला बगहा दो प्रखंड के त्रिभवनी गांव का है। जहां सरकारी जमीन को रिश्वत लेकर नामांतरण करने के गंभीर मामले में अनुमंडल लोक शिकायत पदाधिकारी ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। जांच में दोषी पाए गए तत्कालीन राजस्व कर्मचारी जगदीश राम, राजस्व पदाधिकारी विनय कुमार शर्मा और तत्कालीन सीओ निखिल कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है।

Diarch GO

5 हजार की मांगी गई थी रिश्वत

परिवादी नंद किशोर यादव ने आरोप लगाया था कि दाखिल-खारिज के लिए राजस्व कर्मचारी ने उनसे ₹5000 की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत नहीं देने पर दाखिल-खारिज नहीं करने की धमकी दी गई, यहां तक कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर एससी-एसटी एक्ट में फंसाने का दबाव बनाया गया।

तीनों अधिकारियों पर FIR दर्ज 

8 जुलाई 2025 को हुई सुनवाई में सीओ बगहा ने माना कि मृत जमाबंदीदार की जमीन के मामले में विक्रेताओं ने पूरे परिवार की सहमति लिए बिना केवल एक-तिहाई हिस्सा बेच दिया था। बावजूद इसके, अंचलाधिकारी ने गैरमजरूआ मालिक जमीन को रैयती जमीन बताते हुए नामांतरण कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि पहले से कायम जमाबंदी में विश्वनाथ शर्मा के नाम से छेड़छाड़ कर अवैध नामांतरण किया गया। पदाधिकारी ने इस पूरे कृत्य को आपराधिक मानते हुए तत्कालीन सीओ, राजस्व अधिकारी और कर्मचारी पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

NSIT
Nsmch