Bankipur Bypoll : बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने 81 हज़ार वोट से जीत का किया दावा, कहा 'चरवाहा' की तरह बिहार चरकर वापस लौट जाएंगे प्रशांत किशोर
Bankpur Bypoll : बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा की जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर चरवाहा टाईप से आये है। बिहार चर कर वापस लौट जायेंगे.....पढ़िए आगे

BETTIAH : बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सूबे में सियासी बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी क्रम में पश्चिम चम्पारण के बेतिया पहुंचे सांसद सह लोकसभा सचेतक डॉ. संजय जायसवाल ने विपक्ष और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। डॉ. जायसवाल ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर 'चरवाहा' टाइप से बिहार में आए हैं और यहाँ चर कर वापस लौट जाएंगे। उनके आने से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
बांकीपुर उपचुनाव में अपनी पार्टी की जीत का दावा ठोकते हुए डॉ. संजय जायसवाल ने पिछले चुनावों के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि बांकीपुर से पिछले चुनाव में हमारी पार्टी ने 51 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार की लहर और मजबूत है और आगामी उपचुनाव में हमारी पार्टी 81 हजार से भी अधिक वोटों के रिकॉर्ड अंतर से ऐतिहासिक जीत हासिल करेगी।
सांसद ने मीडिया के रुख और चुनावी कयासों पर तंज कसते हुए साफ शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में जनता को वोट देना है, मीडिया को नहीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता पूरी तरह समझदार और जागरूक है; वह भली-भांति जानती है कि किसे वोट देना है और किसे नहीं। बांकीपुर की जनता विकास के नाम पर एक बार फिर कमल का बटन दबाने के लिए तैयार बैठी है और विरोधियों के सारे दावे खोखले साबित होंगे।
दूसरी ओर, बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की जीत को लेकर बिहार सरकार के डेयरी, पशुपालन व मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम ने भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में हमारी पार्टी की जीत पूरी तरह सुनिश्चित है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ एक फिल्मी अंदाज में नारा देते हुए कहा कि "जो बीत गया वो दौर नहीं आएगा, और एनडीए के अलावा भारत में कोई और नहीं आएगा।"मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के इन आक्रामक बयानों से साफ है कि भाजपा और एनडीए ने बांकीपुर सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में विपक्ष को पूरी तरह पछाड़ने के लिए एनडीए के तमाम दिग्गज नेता जमीन पर उतर चुके हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता आगामी 30 जुलाई को किसके दावों पर अपनी मुहर लगाती है।
आशीष की रिपोर्ट















