LATEST NEWS

  • Anant Singh
  • Bihar Politics: 62 मुकदमों के रिकॉर्ड वाले बाहुबली अनंत सिंह फिर जाएंगे जेल या बरकरार रहेगी जमानत?

  • President Colour Award
  • Bihar Police:बिहार पुलिस को मिलेगा देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान, राष्ट्रपति कलर अवार्ड से होंगे सम्मानित

  • Anant Singh MLA Status
  • Bihar Politics: अनंत सिंह की विधायकी पर लटकी तलवार! JDU की अर्जी पर अब इस दिन तय होगा

  • Bihar TRE-4
  • BPSC TRE-4 ने तोड़े भर्ती के सारे रिकॉर्ड, आवेदन के आंकड़े पढ़ कर चौक जाएंगे आप

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

Bihar News : औरंगाबाद के सरकारी अस्पताल में महिला की हुई मौत, परिजनों ने चिकत्सकों की कमी का लगाया आरोप, सिविल सर्जन बोले-दोषियों पर होगी कार्रवाई

Bihar News : औरंगाबाद के सरकारी अस्पताल में महिला की हुई मौत

AURANGABAD : जिले के रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों की भारी कमी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण मरीजों की जान पर बन आई है। ताजा मामला लभरी गांव का है, जहां जितेंद्र कुमार की 26 वर्षीय पत्नी हेमंती कुमारी की प्रसव के बाद मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था न होने के कारण उनकी मरीज को समय पर सही इलाज नहीं मिल सका, जिससे यह दुखद घटना घटी।

परिजनों का गंभीर आरोप

मृतका के परिजनों ने बताया कि हेमंती को शुक्रवार को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद शुरुआती घंटों में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे और डॉक्टरों ने रूटीन चेकअप के बाद उन्हें ठीक बताया था। हालांकि, अचानक मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों का दावा है कि मौत होने के करीब 5 घंटे बाद डॉक्टरों ने औपचारिकता पूरी करने के लिए उन्हें बेहतर इलाज हेतु बाहर रेफर किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

डॉक्टरों की कमी और प्रशासनिक विफलता

इस घटना के पीछे अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी को मुख्य कारण बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रफीगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह को औरंगाबाद में अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के कारण यहां की व्यवस्था चरमरा गई है। पंचायत समिति प्रतिनिधि इश्तियाक फराहान ने भी पुष्टि की है कि अस्पताल में एमबीबीएस और महिला चिकित्सकों का अभाव है, जिसके कारण आए दिन मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सिविल सर्जन ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब औरंगाबाद के सिविल सर्जन से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम जल्द ही मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

NSIT
Nsmch

पुलिस की कार्रवाई का इंतजार

वहीं, इस मामले पर प्रशिक्षु डीएसपी सह रफीगंज थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि फिलहाल पुलिस को परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है, पुलिस मामले की छानबीन कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

औरंगाबाद से दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट