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Bihar News : स्वाद भी, सेहत भी! औरंगाबाद के संजय सिंह ने तीसी और गुड़ से बनाई 'जादुई' मिठाई, बॉडी पार्ट्स होंगे रिपेयर

Bihar News : स्वाद भी, सेहत भी! औरंगाबाद के संजय सिंह ने तीस

AURANGABAD : बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के उचैली गांव में एक अनोखी पहल देखने को मिली है। यहाँ के निवासी संजय सिंह ने अपनी रचनात्मकता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के मेल से एक ऐसी मिठाई तैयार की है, जो न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है। पारंपरिक मिठाइयों के विपरीत, यह मिठाई सेहत को नुकसान पहुँचाने के बजाय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

संजय सिंह ने बताया कि इस विशेष मिठाई को तैयार करने में मुख्य रूप से तीसी (अलसी), तिल और गुड़ का उपयोग किया गया है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान, दोनों में ही इन तीनों सामग्रियों को 'सुपरफूड' का दर्जा दिया गया है। गुड़ जहाँ प्राकृतिक मिठास के साथ आयरन की कमी को पूरा करता है, वहीं तीसी और तिल पोषण का भंडार माने जाते हैं। इस मिठाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कृत्रिम मिठास या हानिकारक रसायनों का प्रयोग नहीं किया गया है।

इस मिठाई के स्वास्थ्य लाभों पर चर्चा करते हुए संजय सिंह ने कहा कि तीसी में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व मानव शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, क्योंकि ये शरीर के क्षतिग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज) को रिपेयर करने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर की आंतरिक मरम्मत प्रक्रिया तेज होती है, जो आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में बहुत आवश्यक है।

यही नहीं, यह मिठाई शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा के लिए भी एक कवच की तरह काम करती है। संजय सिंह के अनुसार, तीसी और तिल का यह मिश्रण लिवर, फेफड़ों और किडनी को स्वस्थ रखने में प्रभावी भूमिका निभाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि तीसी में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त शुद्ध करने और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है।

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जैसे-जैसे लोगों को इस 'हेल्थ मिठाई' के फायदों के बारे में पता चल रहा है, इसकी मांग में भारी उछाल आया है। संजय सिंह ने आम जनमानस को सलाह दी है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर व्यक्ति को प्रतिदिन सुबह तीसी का सेवन जरूर करना चाहिए। उनकी यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है, बल्कि लोगों को "स्वाद के साथ स्वास्थ्य" का एक नया और सुरक्षित विकल्प भी प्रदान कर रही है। 

दीनानाथ की रिपोर्ट