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Show-cause from SP: पुलिस के काम पर फिर उठा सवाल, कोर्ट ने इस कारण एसपी को किया शोकॉज

Show-cause from SP: औरंगाबाद जिले की एक अदालत ने पुलिस अधीक्षक को “शोकॉज” जारी किया है। यह कार्रवाई 34 साल पुराने एक मामले से संबंधित है।

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पुलिस के काम पर फिर उठा सवाल- फोटो : social Media

Show-cause from SP: औरंगाबाद जिले की एक अदालत ने पुलिस अधीक्षक  को “शोकॉज” जारी किया है। यह कार्रवाई 34 साल पुराने एक मामले से संबंधित है, जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

अदालत ने यह निर्णय उस समय लिया जब उसने देखा कि एफएसएल की रिपोर्ट को पेश नहीं किया गया है। यह रिपोर्ट मामले के विचारण में आवश्यक थी और इसके अभाव में अभियुक्त के अधिकारों का हनन हो रहा था। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस प्रकार की लापरवाही न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है और अभियुक्त के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करती है।

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अदालत ने एसपी को सात दिनों के भीतर इस बात का स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है कि एफएसएल की रिपोर्ट अब तक क्यों प्रस्तुत नहीं की गई। यदि एसपी इस अवधि में संतोषजनक उत्तर नहीं देते हैं, तो अदालत आगे की कार्रवाई कर सकती है।

वकील  सतीश कुमार स्नेही ने जानकारी दी कि सेशन ट्रायल संख्या-58/25, हसपुरा थाना कांड संख्या-98/91 में आरोपों का गठन होने के कारण ट्रायल जारी है। इस मामले में एफएसएल की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है, जिसके चलते मामला लंबित है। इस स्थिति को लेकर न्यायालय ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस अधीक्षक को शोकॉज नोटिस जारी किया। इसके साथ ही, जिलाधिकारी को मामले से संबंधित मंजूरी आदेश जारी करने के लिए पत्र भेजा गया। एपीपी श्याम नंदन तिवारी ने बताया कि इस मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत हसपुरा थाना में दर्ज की गई थी। यह मामला 34 वर्ष पुराना है और न्यायालय ने इसे अभियुक्त के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए विचारण को लंबित रखा है। न्यायालय ने शोकॉज का उत्तर सात दिनों के भीतर देने का निर्देश भी दिया है।

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यह मामला न केवल अभियुक्तों के अधिकारों से संबंधित है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेना चाहिए। अदालत द्वारा उठाए गए सवाल इस बात का संकेत हैं कि पुलिस की कार्यशैली पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।