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UPSC Result 2025 : सॉफ्टवेयर इंजीनियर से IAS तक का सफर, औरंगाबाद की मोनिका ने देश में हासिल किया 16वां स्थान

UPSC Result 2025 : औरंगाबाद की मोनिका ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर से IAS तक का सफर तय किया है. उन्होंने UPSC परीक्षा में देश में 16 वां स्थान प्राप्त किया है......पढ़िए आगे

UPSC Result 2025 : सॉफ्टवेयर इंजीनियर से IAS तक का सफर, औरंग
मोनिका की बड़ी उपलब्धि - फोटो : SOCIAL MEDIA

AURANGABAD : बिहार के औरंगाबाद की रहने वाली मोनिका ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 16वां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में करियर की शुरुआत करने वाली मोनिका का सिविल सर्वेंट बनने तक का सफर उनकी अटूट दृढ़ता और कड़े संघर्ष की कहानी है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे औरंगाबाद में जश्न का माहौल है और लोग इसे जिले की बेटियों के लिए एक बड़ी मिसाल मान रहे हैं।

कोविड काल में बदला जीवन का लक्ष्य

मोनिका की सफलता के पीछे एक प्रेरणादायक मोड़ छिपा है। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करने के दौरान जब कोविड-19 महामारी ने दस्तक दी, तब उन्होंने अपने भाई और भाभी को निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद करते देखा। समाज के प्रति उनके समर्पण ने मोनिका के मन को बदल दिया और उन्होंने महसूस किया कि सिविल सेवा के माध्यम से वे जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। इसी संकल्प के साथ उन्होंने अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़कर कठिन परीक्षा की तैयारी शुरू की।

कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प

सॉफ्टवेयर की कोडिंग से लेकर प्रशासन की बारीकियों को समझने तक का सफर आसान नहीं था। मोनिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी निरंतर मेहनत और औरंगाबाद के लोगों से मिले असीम प्रेम और समर्थन को दिया है। उनका मानना है कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए सालों का धैर्य और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे नेक हों, तो कोई भी बाधा आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।

छात्राओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत

अपनी इस उपलब्धि के बाद मोनिका ने विशेष रूप से छात्राओं और अपने सहपाठियों के लिए एक सशक्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और करियर के मार्ग में असफलताएं और चुनौतियां आना स्वाभाविक हैं, लेकिन इनसे घबराकर हार नहीं माननी चाहिए। मोनिका के अनुसार, यदि लड़कियां ठान लें और ईमानदारी से मेहनत करें, तो वे किसी भी ऊंचे मुकाम को हासिल कर सकती हैं। उनका संदेश स्पष्ट है— 'मेहनत का कोई विकल्प नहीं है, और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है।'

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ऐतिहासिक जीत पर क्षेत्र में खुशी की लहर

मोनिका की 16वीं रैंक ने औरंगाबाद के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम जनता तक, हर कोई अपनी इस 'बेटी' की उपलब्धि पर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक उन्हें बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है। मोनिका की यह जीत उन तमाम युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जो छोटे शहरों से निकलकर देश की सर्वोच्च सेवा में जाने का सपना देखते हैं।

दीनानाथ की रिपोर्ट