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बिहार में जमीन की रजिस्ट्री होगी महंगी: MVR में 1.6 से 2 गुना तक बढ़ोतरी की तैयारी, स्टाम्प शुल्क भी 1% बढ़ेगा

बिहार में जमीन और फ्लैट की खरीददारी करने वालो के लिए एक बड़ी खबर है। अब उन्हें रजिस्ट्री के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे। सरकार ने न्यूनतम प्राक्कलित मूल्य यानी एमवीआर में बढ़ोत्तरी करने जा रही है....

बिहार में जमीन की रजिस्ट्री होगी महंगी: MVR में 1.6 से 2 गुन
बिहार में जमीन की रजिस्ट्री होगी महंगी- फोटो : दीनानाथ मौआर

Aurangabad : बिहार में जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों की जेब पर अब सीधा असर पड़ने वाला है। मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य में निबंधन (रजिस्ट्री) प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े नीतिगत फैसले लिए गए। इस वीसी के माध्यम से औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा सहित सूबे के सभी जिलों के आला अधिकारी जुड़े रहे।


शहरी क्षेत्रों में दोगुना और ग्रामीण इलाकों में 1.6 गुना बढ़ेगा MVR

बैठक में राजस्व बढ़ाने और जमीनों की वास्तविक कीमत के आकलन के लिए भूमि के न्यूनतम प्राक्कलित मूल्य यानी एमवीआर (MVR - Minimum Valuation Rate) में भारी पुनरीक्षण का प्रस्ताव रखा गया है। नए प्रस्ताव के मुताबिक:

  • ग्रामीण क्षेत्र: मौजूदा एमवीआर (MVR) में 1.6 गुना की वृद्धि की जाएगी।
  • शहरी एवं पेरिफेरल (अर्ध-शहरी) क्षेत्र: मौजूदा एमवीआर (MVR) में सीधे 2.0 गुना (दोगुना) की बढ़ोतरी होगी।

सालाना ऑटो-वृद्धि: 

अब से हर वित्तीय वर्ष में जमीन की सरकारी कीमत में 5% की ऑटो वृद्धि (स्वतः बढ़ोतरी) लागू होगी, जबकि हर 3 साल पर इसका विस्तृत और व्यापक पुनरीक्षण किया जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि का वर्गीकरण और एमवीआर का निर्धारण पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो।


स्टाम्प शुल्क 6% से बढ़कर हुआ 7%, महिला खरीदारों को मिलेगी विशेष रियायत

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जमीन रजिस्ट्री को लेकर सरकार टैक्स के नियमों में भी बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब सामान्य स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) को 6% से बढ़ाकर 7% करने का प्रस्ताव है। हालांकि, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्री में राहत को बरकरार रखा गया है। महिलाओं को मिलने वाली स्टाम्प शुल्क की छूट को 0.3% से बढ़ाकर 0.4% कर दिया गया है, जबकि निबंधन शुल्क (Registry Fee) में मिलने वाली 0.1% की छूट पहले की तरह लागू रहेगी। इस प्रकार, महिलाओं को रजिस्ट्री में कुल 0.5% की रियायत का लाभ मिलता रहेगा।


80+ बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत: घर बैठे "होम रजिस्ट्रेशन" की मिलेगी सुविधा

प्रशासनिक सुधारों के तहत आम जनता और बुजुर्गों की सहूलियत के लिए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। अब राज्य में 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। उनके लिए सरकार "होम रजिस्ट्रेशन" (घर जाकर रजिस्ट्री करने) की अनूठी सुविधा शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही, विवादों को कम करने के लिए निबंधन से पहले भूमि की आधिकारिक जांच और पूरी प्रक्रिया को 'पेपरलेस' करने पर जोर दिया गया है।


15 जुलाई से लागू होगी नई डिजिटल व्यवस्था, GIS और ई-फाइलिंग पर फोकस

राज्य में जमीन की रजिस्ट्री के नियमों को डिजिटल और आधुनिक रूप देने के लिए "बिहार निबंधन नियमावली, 2026" और "बिहार स्टाम्प नियमावली, 2026" को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में, बिहार के कुछ चयनित निबंधन कार्यालयों (रजिस्ट्री ऑफिस) में आगामी 15 जुलाई 2026 से इस नई व्यवस्था की शुरुआत हो सकती है। इसमें जमीनों का जीआईएस (GIS) आधारित डिजिटल वर्गीकरण और दस्तावेजों की ऑनलाइन ई-फाइलिंग पर विशेष फोकस रहेगा।

मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि 19 जून 2026 तक राज्य के सभी जिलों में 'जिला मूल्यांकन समिति' की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाए, ताकि इस नई पारदर्शी व्यवस्था को धरातल पर उतारने की तैयारियां समय से पूरी हो सकें।

दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट