LATEST NEWS

  • भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई: बाइक की सीट के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा देशी कट्टा और कारतूस बरामद, दो युवक हिरासत में
  • भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई: बाइक की सीट के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा देशी

  • मधुबनी में सनसनीखेज वारदात : प्रेमी ने  22 वर्षीय नवविवाहिता पूर्व प्रेमिका को चाकू से गोदकर उतारा मौत के घाट, गांव में तनाव
  • मधुबनी में सनसनीखेज वारदात : प्रेमी ने 22 वर्षीय नवविवाहिता पूर्व प्रेमिका को चाकू से गोदकर उतारा

  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद
  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद

  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के बाद पंचायत समिति पति हिरासत मे
  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के

  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर
  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर

Bihar News : 'जिला प्रशासन आपके द्वार' या प्रशासनिक जलसा? औरंगाबाद में महिलाओं ने कार्यक्रम की खोली पोल, कहा किसी ने नहीं सुनी समस्याएं

Bihar News : औरंगाबाद में महिलाओं ने 'जिला प्रशासन आपके द्वार' कार्यक्रम की पोल खोल दी. उन्होंने कहा की किसी ने उनकी समस्याएं नहीं सुनी......पढ़िए आगे

Bihar News : 'जिला प्रशासन आपके द्वार' या प्रशासनिक जलसा? और
महिलाओं का आरोप - फोटो : DINANATH

AURANGABAD : बिहार सरकार के द्वारा निहित महत्वपूर्ण कार्यक्रम "जिला प्रशासन आपके द्वार" का ग्रामीण महिलाओं ने पोल खोल दिया है। महिलाओं का कहना है कि इस कार्यक्रम में काम नहीं होता बल्कि जलसा बन कर रह गया है। कल औरंगाबाद जिला के बारुण प्रखंड अंतर्गत बर्डीखुर्द ग्राम में जिला प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित विभागों ने तकरीबन 27 स्टॉल लगाया था। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, इस कार्यक्रम में उनकी समस्या को नहीं सुना गया, बल्कि उन्हें इधर-उधर घुमाया गया।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि आवेदन देने के लिए घंटों इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन आवेदन किसी ने भी नहीं लिया। जब आवेदन लेने को तैयार भी हुए, तो रिसीविंग देने को तैयार नहीं थे। महिलाओं का स्पष्ट कहना था कि इस कार्यक्रम के तहत केवल कागज के पन्नों पर ही पुष्टि किया जा रहा है कि जिला प्रशासन आपके द्वारा पहुंच, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

महिलाओं ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई गंभीर सवाल खड़ा किया है, जो जिला प्रशासन के ऊपर सवालिया निशान खड़ा करती है। हालांकि जिला प्रशासन तथा प्रखंड स्तरीय अधिकारी के द्वारा यह कार्यक्रम सुनिश्चित तरीके से सुसज्जित किया गया था, लेकिन यह कार्यक्रम महज एक से डेढ़ घंटा ही चल सका। जैसे ही बड़े अधिकारी का वहां से निकलना हुआ, वैसे ही सभी विभागों के द्वारा लगाए गए स्टॉल को समेट लिया गया और कार्यक्रम को समाप्त कर दिया गया।

इन सारे घटना चक्र को देखने के बाद यह साफ जाहिर होता है कि यह कार्यक्रम केवल प्रशासनिक भौकाल है। अगर इसी तरह यह कार्यक्रम चलता रहा, तो इसे जनता की समस्याओं का निदान नहीं हो सकता।

NSIT
Nsmch

दीनानाथ की रिपोर्ट