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Bihar News : औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा ने खेत में खुद काटी गेहूं की फसल, औसत उत्पादन का लिया जायजा

Bihar News : औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा ने खेत में खुद काटी

AURANGABAD :  जिले में रबी फसल की कटनी के साथ ही अब पैदावार के आकलन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी कड़ी में औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा शनिवार को बारुण प्रखंड के जनकोप पंचायत अंतर्गत प्रीतमपुर गांव पहुंचीं। यहां उन्होंने कृषि वर्ष 2025-26 के तहत आयोजित 'फसल कटनी प्रयोग' (Crop Cutting Experiment) का न केवल निरीक्षण किया, बल्कि खुद दरांती लेकर खेत में उतरीं और गेहूं की फसल काटकर किसानों का उत्साहवर्धन किया।

वैज्ञानिक पद्धति से हुआ उपज का आकलन

जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज के निर्देशन में आयोजित इस प्रयोग के लिए किसान मंदू पांडेय के खेत का चयन किया गया था। किसान सलाहकार विपिन मालाकार की मौजूदगी में निर्धारित मानक के अनुसार 10x5 मीटर के आयताकार क्षेत्र में फसल की कटाई की गई। इस निश्चित क्षेत्रफल से कुल 15.120 किलोग्राम गेहूं की उपज प्राप्त हुई। इस वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर जिले में गेहूं की औसत उपज दर 30.24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी गई है।

पारदर्शिता और सटीक आंकड़ों पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसल कटनी प्रयोग पूरी पारदर्शिता के साथ ग्रामीणों और किसानों की मौजूदगी में संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों का सीधा असर सरकारी योजनाओं के लाभ और आपदा राहत पर पड़ता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर और उन्हें खेत में काम करते देख स्थानीय किसान काफी प्रफुल्लित नजर आए।

क्या है फसल कटनी प्रयोग का मुख्य उद्देश्य?

जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बताया कि हर साल रबी और खरीफ सीजन के अंत में औसत उत्पादन का आकलन करने के लिए यह प्रयोग किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का सटीक परिणाम बताना और फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सटीकता सुनिश्चित करना है। इन आंकड़ों के आधार पर ही राज्य स्तर पर कृषि उत्पादन की सांख्यिकी तैयार की जाती है, जो भविष्य की कृषि नीतियों के निर्धारण में सहायक होती है।

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किसानों के लिए रोजगार और तकनीकी मदद की आस

इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने जिलाधिकारी को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया। डीएम ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और समय पर बीज-खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फसल कटनी के इन सकारात्मक आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के किसान आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे न केवल उत्पादन बढ़ रहा है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। 

दीनानाथ की रिपोर्ट