Bihar Bridge: बिहार में जिस पुल का गृह मंत्री अमित शाह ने किया था उद्घाटन उसमें आ गई दरार! भारत-नेपाल को जोड़ने का करता है काम

बिहार के अररिया में भारत-नेपाल बॉर्डर पर बने पुल के पिलर में दरार की खबर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जानिए पुल की स्थिति, NHAI की प्रतिक्रिया और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

 Bihar Bridge: बिहार में जिस पुल का गृह मंत्री अमित शाह ने क
India-Nepal brige- फोटो : social media

Bihar Bridge: बिहार के अररिया जिले में स्थित NH 527 पर बना पुल, जो भारत और नेपाल को आपस में जोड़ता है।आज अचानक से खतरनाक स्थिति में आ गया जब इसमें दरार की सूचना सामने आई। यह दरार पुल के पिलर बी2 में देखी गई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं। यह पुल केवल दो देशों को जोड़ने वाला संरचना नहीं है, बल्कि यह भारत-नेपाल व्यापारिक संबंधों की रीढ़ माना जाता है। पलासी और आईसीपी जोगबनी के बीच परमान नदी पर बना यह पुल, व्यापार और नागरिक आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।

किसने बनाया पुल?

यह पुल 2022 में तैयार हुआ था और इसका निर्माण दिल्ली की जेकेएम कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था। इसका उद्घाटन 16 सितंबर 2023 को गृहमंत्री अमित शाह ने किया था।स्थानीय निवासियों ने यह दरार तब देखी जब नदी का जलस्तर कम हुआ। उन्होंने तुरंत प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया। लोगों का कहना है कि यदि पुल पर ट्रैफिक बंद होता है, तो दोनों देशों के व्यापार पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

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 लोगों की आशंका:

लोगों ने ब्रिज के पिलर पर आई दरार के बाद चिंता जाहिर की है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर यह पुल बंद हुआ, तो भारत-नेपाल के बीच की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां रुक सकती हैं। यह पुल लाइफलाइन की तरह काम करता है, खासकर सीमावर्ती गांवों और व्यापारियों के लिए।

NHAI की प्रतिक्रिया

जब पुल में दरार की खबर सामने आई, तो NHAI (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ कुमार तुरंत साइट पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पुल में किसी तरह की दरार नहीं है। यह अब भी रखरखाव की प्रक्रिया में है, और हमारी टीम इसे बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है।"हालांकि उन्होंने यातायात के रुकने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया, पर उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही विशेषज्ञों की टीम निरीक्षण करेगी।

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सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में पुलों की बिगड़ती हालत को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई की थी।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पटना हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया है।NHAI अधिकारियों को 14 मई को पेश होने का निर्देश दिया गया है। याचिका में चिंता जाहिर करते हुए कई महत्वपूर्ण बातों को शामिल किया गया है जिसमें, पुलों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक सुरक्षा, निर्माण कंपनियों की जवाबदेही और सरकारी निगरानी प्रणाली की कमजोरी शामिल है।