Bihar News: तीन तलाक का सनसनीखेज मामला, बुलेट बाइक न देने पर पत्नी को इंटरनेट मीडिया से दिया तलाक

Bihar News: बिहार के फरसाडांगी गांव में एक युवक ने पत्नी से बुलेट बाइक की मांग पूरी न होने पर सोशल मीडिया पर तीन तलाक दे दिया।

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talaq - फोटो : SOCIAL MEDIA

Bihar News: बिहार के फरसाडांगी गांव से एक दिल दहला देने वाला सामाजिक मामला सामने आया है। यहां बुलेट बाइक की दहेज में मांग पूरी नहीं होने पर एक युवक ने अपनी पत्नी को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से तीन तलाक दे दिया। पीड़िता गुलफशा ने इस मामले में पलासी थाना में पति मु. राजा, ससुर मूसा और सास शबनम के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।

शादी के कुछ महीने बाद ही टूटा रिश्ता

गुलफशा, जो बरहट गांव के मुश्ताक की पुत्री हैं, ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनकी शादी 15 नवंबर 2024 को मुस्लिम रीति-रिवाज के तहत फरसाडांगी गांव के मूसा के पुत्र मु. राजा से हुई थी।शादी के समय दहेज में दो लाख रुपये नकद दिए गए, लेकिन विदाई ईद के बाद करने की सहमति बनी थी। उस दौरान वह अपने पति से फोन पर नियमित संपर्क में थीं।

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बुलेट बाइक की मांग और भावनात्मक शोषण

पीड़िता के अनुसार, फरवरी 2025 में रमजान से पहले पति की ओर से दहेज में बुलेट बाइक की मांग की गई। जब गुलफशा ने अपने माता-पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए असमर्थता जताई, तो पति का व्यवहार अपमानजनक और हिंसक हो गया।इसके बाद उन्हें फोन और मैसेज के जरिए भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

तीन तलाक: सोशल मीडिया पर सार्वजनिक अपमान

29 मार्च 2025 को इंटरनेट मीडिया पर पति ने एक ही बार में तीन बार “तलाक” लिखकर वैवाहिक संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी। यह न सिर्फ मानवता के खिलाफ, बल्कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 के तहत गंभीर दंडनीय अपराध भी है।गुलफशा के अनुसार, इस मुद्दे पर ग्राम पंचायत में बैठक भी हुई, जिसमें पति ने तीन तलाक देने की बात स्वीकार की और सास-ससुर ने इस अमानवीय कृत्य को जायज ठहराया।

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साइबर अपराध और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने न सिर्फ मानसिक प्रताड़ना दी बल्कि उनकी फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की भी कोशिश की।पलासी थाना अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच प्रारंभ कर दी गई है। सभी आरोपों की कानूनी जांच होगी।"

संबंधित कानूनी पहलू

तीन तलाक: मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 के तहत तीन तलाक अपराध है, जिसमें तीन साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।

दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961: दहेज मांगना और इसके लिए प्रताड़ित करना अपराध है।

आईटी अधिनियम 2000: इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अपमान और उकसावे के मामलों में साइबर अपराध की धाराएं लागू हो सकती हैं।