ममता बनर्जी को एक और झटका, TMC सांसद कोएल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा

कोएल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

TMC MP Koel Mallick resigns from Rajya Sabha
TMC MP Koel Mallick resigns from Rajya Sabha - फोटो : news4nation

TMC :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को पार्टी के भीतर लगातार मिल रहे झटकों के बीच एक और बड़ा झटका लगा है। TMC की राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा।


कोएल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। एक दिन पहले ही TMC के वरिष्ठ विधायक और ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्रा ने रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे का समर्थन किया था। हालांकि, मदन मित्रा ने स्पष्ट किया कि वह अभी भी तृणमूल कांग्रेस के सदस्य हैं।

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TMC में बढ़ते असंतोष से ममता की मुश्किलें बढ़ीं

पार्टी के भीतर नेताओं के बगावती तेवरों के बीच ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि BJP पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर TMC के सांसदों और विधायकों पर दबाव बना रही है। ममता बनर्जी का आरोप है कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही है और उन्हें या तो विद्रोही खेमे में शामिल होने या फिर जेल जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ममता ने कहा, “पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल हमारी पार्टी को तोड़ने के लिए किया जा रहा है। हर एजेंसी और हर केंद्रीय बल को हमारे खिलाफ लगा दिया गया है।”


अभिषेक बनर्जी के बचाव में उतरीं ममता

पार्टी से अलग हो रहे नेताओं की ओर से तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच ममता बनर्जी ने अपने भतीजे का बचाव किया। विद्रोही नेताओं का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के कथित तौर-तरीकों और व्यवहार के कारण पार्टी में असंतोष बढ़ा। ममता बनर्जी ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कथित तौर पर पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए जनता से उनके लिए माफी भी मांगी।

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कोएल मल्लिक के इस्तीफे और मदन मित्रा के विद्रोही खेमे के करीब जाने के बाद TMC के भीतर राजनीतिक संकट और गहराता दिख रहा है। ऐसे में ममता बनर्जी के सामने अब पार्टी में बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करने और अपने नेताओं को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती है।