Mamata Banerjee: हाथ जोड़ती दिखीं ममता, अगले ही पल खोया आपा, जड़ दिया थप्पड़, दीदी का आपा खोना बना सियासी बवाल

Mamata Banerjee: तृणमूल कांग्रेस की ओर से निकाले गए विरोध मार्च के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला।...

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दीदी का आपा खोना बना सियासी बवाल- फोटो : social Media

Mamata Banerjee: बारुईपुर की 11 वर्षीय बच्ची के कथित रेप और हत्या मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत में घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से निकाले गए विरोध मार्च के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। प. बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में निकाली गई रैली में कथित तौर पर अंडे फेंके जाने और विरोध में ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए जाने का दावा किया गया। घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

तृणमूल कांग्रेस ने बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ तक मार्च निकाला था। बताया जा रहा है कि रैली के दौरान बीजेपी और टीएमसी की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

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करीब तीन किलोमीटर लंबे जुलूस मार्ग पर रुक-रुक कर तनाव बना रहा। हंगामा उस वक्त और बढ़ गया जब रैली हाजरा क्रॉसिंग के पास पहुंची, जो मुख्यमंत्री के आवास के नजदीक है। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में किया।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने कालीघाट स्थित आवास से बाहर आईं। भारी भीड़ और बढ़ते शोर-शराबे के बीच वह कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश करती नजर आईं, लेकिन कथित वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों के मुताबिक उन्होंने गुस्से में एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मार दिया। इस घटना ने विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया।

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केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस पूरे घटनाक्रम पर हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं और जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। हालांकि टीएमसी की ओर से इस घटना और आरोपों पर अलग रुख रखा गया है।बारुईपुर कांड के विरोध से शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजनीतिक संग्राम में बदल गया है। सड़क पर प्रदर्शन, नारेबाजी और आपसी टकराव ने बंगाल की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है।