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Ration Card New Rules: राशन कार्ड का बदला सिस्टम, अब फिंगरप्रिंट नहीं फेस रिकग्रिशन से मिलेगा राशन, साढ़े पांच करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा, जानिए नया नियम

Ration Card New Rules:

राशन कार्ड
राशन कार्ड सिस्टम में बदलाव - फोटो : social media

Ration Card New Rules: एक बार फिर राशन कार्ड का सिस्टम बदलने जा रहा है। अब लाभर्थियों की पहचान फिंगरप्रिंट के बजाय फेस रिकग्रिशन के की जाएगी। ऐसी सिस्टम लागू करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य बन गया है। दरअसल, मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। करीब एक दशक बाद सरकार तकनीक के जरिए राशन वितरण व्यवस्था में सुधार करने जा रही है, जिससे साढ़े पांच करोड़ लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। 

अब फेस से पहचाने जाएंगे लाभर्थी

लंबी कतारें, बार-बार चक्कर लगाने और कम राशन मिलने की शिकायतें अब जल्द खत्म हो सकती हैं। नई व्यवस्था के तहत अब लाभार्थियों की पहचान फिंगरप्रिंट के बजाय फेस रिकग्निशन यानी चेहरे से की जाएगी। इससे उन बुजुर्गों, किसानों और मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके उंगलियों के निशान घिस जाने के कारण मशीन पहचान नहीं कर पाती थी और उन्हें राशन लेने में परेशानी होती थी। अब पीओएस मशीन के साथ लगे कैमरे से चेहरे का मिलान आधार डाटाबेस से होगा और तुरंत पहचान की पुष्टि हो जाएगी।

गोदाम से दुकान तक राशन की पूरी निगरानी 

यह बदलाव सिर्फ पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गोदाम से दुकान तक राशन की पूरी निगरानी भी तकनीक के जरिए की जाएगी। सरकारी गोदाम से जैसे ही राशन का ट्रक निकलेगा, उसकी GPS के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। भोपाल में बनाए गए स्टेट कंट्रोल कमांड सेंटर से अधिकारियों की टीम ट्रकों की लाइव लोकेशन पर नजर रखेगी। यदि कोई ट्रक तय रास्ते से भटकता है, तो तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा।

SMS से मिलेगी जानकारी 

दुकान पर राशन पहुंचते ही वहां का स्टॉक सिस्टम में अपने आप अपडेट हो जाएगा। इसके बाद उस दुकान से जुड़े सभी लाभार्थी परिवारों के मोबाइल पर SMS भेजकर सूचना दी जाएगी कि राशन आ गया है। इससे लोगों को बार-बार दुकान के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके साथ ही राशन दुकानों पर कम्प्यूटराइज्ड तराजू लगाए जाएंगे। जिन्हें सीधे पीओएस मशीन से जोड़ा जाएगा। इससे जितना अनाज तौला जाएगा, उतनी मात्रा सिस्टम में दर्ज होकर स्टॉक से अपने आप घट जाएगी। इससे कम तौलने की शिकायतों पर भी रोक लगेगी।

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राशन मिलने के बाद दी जाएगी रसीद 

राशन मिलने के बाद लाभार्थी के मोबाइल पर एक और SMS भेजा जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि उसे कितना गेहूं, चावल या अन्य अनाज मिला है। साथ ही पीओएस मशीन से एक प्रिंटेड रसीद भी दी जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप मध्य प्रदेश ने फेस रिकग्निशन, कम्प्यूटराइज्ड वेइंग मशीन और बल्क SMS जैसी तकनीकों को एक साथ लागू करने की योजना बनाई है। इस पूरी व्यवस्था के लागू होने के साथ ही मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी होगी।