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Jharkhand matric exam: झारखंड के एजुकेशन सिस्टम पर उठा सवाल! आधी रात को मैट्रिक परीक्षा की सैकड़ों कॉपियां जलकर हुई राख, जानें पूरी बात

झारखंड में जैक की मैट्रिक परीक्षा की सैकड़ों उत्तरपुस्तिकाएं दुमका के एक मूल्यांकन केंद्र में जल गईं। प्रारंभिक जांच में साजिश की आशंका, जानें पूरी घटना और प्रशासन की प्रतिक्रिया।

Jharkhand matric exam
jharkhand- फोटो : AI GENERATED

Jharkhand matric exam: झारखंड में शिक्षा प्रणाली को बड़ा झटका उस समय लगा जब झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा की करीब 800 से 900 उत्तरपुस्तिकाएं दुमका के एक मूल्यांकन केंद्र में आग की चपेट में आ गईं। यह घटना शुक्रवार रात करीब 2:08 बजे दुमका जिले के श्रीरामकृष्ण आश्रम प्लस टू उच्च विद्यालय में हुई, जो जैक द्वारा मूल्यांकन के लिए बनाए गए चार केंद्रों में से एक था।

सबसे राहत की बात यह रही कि जली हुई कॉपियों में से लगभग 250 कॉपियों का मूल्यांकन पहले ही हो चुका था, और वे एक अलग कमरे में रखी गई थीं। हालांकि, बाकी बची कॉपियां आंशिक रूप से जली हैं और इनमें से कई की जांच की जानी बाकी थी। इस घटना से संबंधित प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह आगजनी किसी साजिश के तहत की गई प्रतीत होती है। अधिकारियों के अनुसार, विद्यालय भवन के पीछे की खिड़की के गैप से ज्वलनशील पदार्थ, जैसे मोबिल और डीज़ल डाला गया था। इसके बाद उसी गैप में प्लास्टिक जैसे सामग्री डालकर धीरे-धीरे आग सुलगाई गई, ताकि कमरे में रखी गई उत्तरपुस्तिकाएं जल जाएं।

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थाना प्रभारी और DEO घटनास्थल पर पहुंचे

घटना की सूचना सबसे पहले विद्यालय के गार्डन प्रभारी ने स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रियंका कुमारी को दी। इसके बाद उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) भूतनाथ रजवार को फोन कर जानकारी दी। थोड़ी ही देर में स्थानीय थाना प्रभारी और DEO घटनास्थल पर पहुंचे। रात में ही आग पर काबू पा लिया गया था, जिससे और अधिक नुकसान होने से बचाव हो गया।

थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई

इस मामले में स्थानीय थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस घटना के पीछे किन लोगों का हाथ हो सकता है और उनका उद्देश्य क्या था। परीक्षा से संबंधित दस्तावेज़ों को जलाने का प्रयास बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, क्योंकि यह छात्रों के भविष्य से सीधा जुड़ा हुआ मामला है।

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जली हुई कॉपियों की पहले से स्कैन की गई

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जली हुई कॉपियों की पहले से स्कैन की गई या मूल्यांकित जानकारी सुरक्षित है और छात्रों के परिणाम में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।इस घटना ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ऐसे समय में जब परीक्षाएं और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ होनी चाहिए, वहां इस तरह की घटना न केवल छात्रों में भय और असमंजस की स्थिति पैदा करती है, बल्कि प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठाती है।फिलहाल, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन और जैक मिलकर पूरे मामले की तहकीकात कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा।