Ashok Khemka: 33 साल की नौकरी में 57 तबादला देखने वाले आईएएस अशोक खेमका का अब नहीं होगा ट्रांसफर, सात मुख्यमंत्रियों के साथ किया काम

अपनी इमानदारी के कारण किसी के आगे नहीं झुकने वाले आईएएस अधिकारी अशोक खेमका 33 साल की नौकरी के दौरान 57 बार तबादला देख चुके हैं. लेकिन 30 अप्रैल के बाद उनका ट्रांसफर नहीं होगा.

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Ashok Khemka- फोटो : news4nation

Ashok Khemka: 33 साल की नौकरी में 57 तबादले देखने वाले IAS ऑफिसर अशोक खेमका 30 अप्रैल 2025 को रिटायर हो रहे हैं. खेमका फिलहाल हरियाणा सरकार में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं. पूरे करियर में इनका औसतन हर छठे महीने तबादला हुआ. कई बार लो प्रोफाइल विभागों में तैनाती मिली. इमानदारी की मिसाल माने जाने वाले खेमका ने कई ऐसे मामलों को उजागर किया जिसने राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी. इसमें हरियाणा के कांग्रेस नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी के दामाद रोबर्ट वाड्रा का नाम शामिल रहा. 


हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. अशोक खेमका बुधवार को 60 वर्ष के हो रहे हैं और इसी के साथ उनका 33 साल 7 महीने लंबा प्रशासनिक कार्यकाल समाप्त हो गया. खेमका का प्रशासनिक कार्यकाल हरियाणा के सात मुख्यमंत्रियों – ओम प्रकाश चौटाला, भजन लाल, बंसी लाल, भूपिंदर सिंह हुड्डा, मनोहर लाल खट्टर और नायब सिंह सैनी – के कार्यकालों के दौरान रहा. आईआईटी खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक, TIFR से पीएचडी और एमबीए, फिर एलएलबी करने वाले खेमका को प्रशासनिक ज्ञान और नैतिक साहस दोनों का अद्भुत मिश्रण माना गया.

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अशोक खेमका का पांच महीने पहले ही अंतिम ट्रांसफर का ऑर्डर जारी किया गया था. खेमका हरियाणा सरकार के परिवहन विभाग काे अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से रिटायर होंगे. खेमका का जन्म कोलकाता में 30 अप्रैल 1965 को हुआ. अशोक खेमका ने आईआईटी खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया. अशोक खेमका ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और फाइनेंस में एमबीए किया. 1990 वो साल था जब खेमका ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी का एग्जाम पास किया. फिर 1991 बैच के आईएएस अधिकारी बने. उन्हें हरियाणा कैडर अलॉट किया गया.


 सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट और रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच वर्ष 2008 में हुए विवादित भूमि सौदे को उजागर करने वाले 1991 बैच के आइएएस अधिकारी डॉ. अशोक खेमका ने इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे मामले सामने लाए जिससे बड़े बड़े नामचीन हस्तियों को परेशानी हुई.  साल 2023 में अशोक खेमका ने सीएम खट्टर को पत्र लिखकर सतर्कता विभाग में एक पद पर काम करके 'भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने' की पेशकश की. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए उन्होंने अपने करियर का बलिदान दिया है.

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