LATEST NEWS

  • Bihar News : दिल्ली से मुंगेर पहुंचे तीन संदिग्धों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, जाली नोटनुमा कागजात और मोबाइल किया बरामद
  • Bihar News : दिल्ली से मुंगेर पहुंचे तीन संदिग्धों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, जाली नोटनुमा कागजात और

  • Bihar Crime : बरबीघा में बड़ी वारदात, दिनदहाड़े दुकान में घुसकर 2 लाख रुपये उड़ा ले गए उचक्के
  • Bihar Crime : बरबीघा में बड़ी वारदात, दिनदहाड़े दुकान में घुसकर 2 लाख रुपये उड़ा ले गए उचक्के

  • Bihar News : मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर जमकर हुआ बवाल, दो गुटों में जमकर हुई मारपीट, सोशल मीडिया में वीडियो हुआ वायरल
  • Bihar News : मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर जमकर हुआ बवाल, दो गुटों में जमकर हुई

  • Narayani Path
  • गंडक किनारे सड़क निर्माण से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 73.51 KM लंबे नारायणी पथ से पर्यटन और

  • CM Samrat Choudhary
  • भारत रत्न लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर सीएम सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

Ayodhya Ram Temple: राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिया ये बड़ा आदेश

Ayodhya Ram Temple: अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान में कथित हेराफेरी के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।

Ram Temple Donation Case SC Orders SIT to Speed Up Probe
राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त- फोटो : social Media

Ayodhya Ram Temple:  अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान में कथित हेराफेरी के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल यानी SIT को जांच में तेजी लाने और इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ किया कि मंदिर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं, ने SIT से जांच की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने निर्देश दिया कि जांच की वस्तुस्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की जाए। SIT को रिपोर्ट पेश करने के लिए दो सप्ताह का वक्त दिया गया है।

शीर्ष अदालत ने SIT को सिर्फ जांच पूरी करने का निर्देश नहीं दिया, बल्कि जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता को भी महत्वपूर्ण माना है। पीठ ने कहा कि अदालत के सामने अलग-अलग पक्षकारों की ओर से जांच को बेहतर बनाने के लिए जो सुझाव दिए गए हैं, SIT को उन पर निष्पक्षता से विचार करना चाहिए।अदालत का रुख इस लिहाज से अहम है कि मामला महज आर्थिक अनियमितता का नहीं है। राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में दान की रकम और अन्य चढ़ावे के प्रबंधन में किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोप सीधे तौर पर धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार को SIT में एक फॉरेंसिक ऑडिटर शामिल करने का निर्देश दे चुका है। फॉरेंसिक ऑडिट के जरिए वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड, दान और उससे जुड़े दस्तावेजों में किसी संभावित अनियमितता की तकनीकी तरीके से पड़ताल की जा सकती है।अदालत ने पहले ही संकेत दिया था कि मामले में सिर्फ दोष तय करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि SIT की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अदालत राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के दान के प्रबंधन को लेकर कुछ नए निर्देश जारी कर सकती है। यानी सुनवाई का दायरा सिर्फ कथित चढ़ावा हेराफेरी की जांच तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि मंदिर में दान व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ सकता है।

NSIT
Nsmch

इस मामले में अदालत का सबसे अहम संदेश यही है कि धार्मिक आस्था से जुड़े आर्थिक संसाधनों का प्रबंधन भी स्पष्ट नियमों और मजबूत निगरानी के दायरे में होना चाहिए। श्रद्धालुओं की ओर से दिया गया प्रत्येक दान विश्वास का प्रतीक है और उसके इस्तेमाल तथा रिकॉर्ड में पारदर्शिता अनिवार्य है।अब SIT की अगली रिपोर्ट पर निगाह रहेगी। सीलबंद लिफाफे में दाखिल होने वाली वस्तुस्थिति रिपोर्ट से जांच की प्रगति और सामने आए तथ्यों को लेकर अदालत को तस्वीर स्पष्ट होगी। इसके बाद शीर्ष अदालत यह तय कर सकती है कि जांच को आगे किस दिशा में ले जाना है और दान प्रबंधन में कौन से सुधारात्मक कदम आवश्यक हैं।