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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई को देंगे इस्तीफा, कांग्रेस अब इन्हें बनाएगी अगला सीएम

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में बड़ा फेरबदल हो रहा है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफा देने पर सहमति बन गई है जिसके बाद अब नए सीएम के रूप में जल्द ही अगले नेता का चयन होगा जिसमे कई नाम हैं.

सिद्धारमैया
सिद्धारमैया - फोटो : news4nation

Karnataka CM resign:  कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को इस्तीफा दे देंगे। वे गुरुवार सुबह 10.30 बजे के करीब राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर इस्तीफा सौप सकते हैं, इसके लिए उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है।  सिद्धारमैया के डी के शिवकुमार कर्नाटक के अगले CM बनेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सिद्धारमैया और शिवकुमार से कई घंटों तक बातचीत की थी, और उनसे अलग-अलग मुलाकात भी की जिसके बाद  सिद्धारमैया के इस्तीफा देने पर सहमति बनी।  अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनावों के बाद राज्य में लीडरशिप में बदलाव पर फैसला लेने की उम्मीद है जिसमें  सिद्धारमैया को केंद्र में बड़ी भूमिका मिल सकती है।


कौन हैं सिद्धारमैया

दरअसल, सिद्धारमैया कर्नाटक की राजनीति के सबसे प्रभावशाली और जनाधार वाले नेताओं में गिने जाते हैं। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर राज्य के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा है। सिद्धारमैया का जन्म 12 अगस्त 1948 को कर्नाटक के मैसूर जिले में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और शुरुआती दौर में वकालत भी की। इसके बाद वे सक्रिय राजनीति में आए।

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उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय लोकदल से की थी। बाद में वे जनता पार्टी और फिर जनता दल का हिस्सा बने। 1983 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा के लिए चुने गए। अपने शुरुआती राजनीतिक दौर में ही वे पिछड़े वर्गों और किसानों के मुद्दों को लेकर मुखर नेता के रूप में उभरे। 1990 के दशक में वे जनता दल सरकार में मंत्री बने और वित्त मंत्री के रूप में भी काम किया। हालांकि बाद में जनता दल में अंदरूनी मतभेद बढ़े और एच.डी. देवेगौड़ा खेमे से टकराव के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी।


2006 में आये कांग्रेस में

साल 2006 में सिद्धारमैया कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस में आने के बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। 2013 में कांग्रेस की जीत के बाद वे पहली बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने “अन्न भाग्य”, “क्षीर भाग्य” जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिससे ग्रामीण और गरीब वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ बनी। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी नहीं बन सकी, लेकिन सिद्धारमैया विपक्ष के प्रमुख चेहरे बने रहे। इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रचंड जीत हासिल की और वे दूसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने।

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सिद्धारमैया को सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों की राजनीति और कल्याणकारी योजनाओं के मजबूत पैरोकार के रूप में देखा जाता है। कर्नाटक की राजनीति में वे लंबे समय से कांग्रेस के सबसे बड़े जनाधार वाले नेताओं में शामिल हैं।