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जलेबी खरीदने के विवाद में हुआ मर्डर, अब कोर्ट ने सुनाई सबसे बड़ी सजा, 12 साल बाद आया फैसला

murder for  jalebi
murder for jalebi- फोटो : news4nation

Court News :   महज जलेबी पहले देने को लेकर हुए विवाद में एक मिठाई विक्रेता की गोली मारकर हत्या करने वाले दोषी को करीब 12 साल बाद अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दिल्ली की अदालत ने हत्या और अवैध हथियार के इस्तेमाल का दोषी पाए गए नीरज को आजीवन कारावास की सजा दी है। यह मामला 18 फरवरी 2014 का है। उस दिन बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास स्थित एक मिठाई की दुकान पर काफी भीड़ थी और ग्राहक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान नीरज ने दुकानदार से मांग की कि उसे लाइन में खड़े अन्य ग्राहकों से पहले जलेबी दी जाए।

जब मिठाई विक्रेता ने उसकी मांग मानने से इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि नीरज ने पहले दुकानदार को थप्पड़ मारा और फिर पिस्तौल निकालकर बेहद करीब से उसके सिर में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल विक्रेता को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को मौके के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक पिस्तौल और फर्जी हथियार लाइसेंस भी बरामद किया गया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेन्द्र राणा ने 8 जून को सुनाए गए आदेश में कहा कि आरोपी ने केवल इस बात पर विवाद किया कि उसे कतार में खड़े अन्य लोगों से पहले जलेबी दी जाए। जब मृतक ने ऐसा करने से मना किया, तो आरोपी ने पहले उसे थप्पड़ मारा और फिर नजदीक से गोली चला दी।

सजा तय करते समय अदालत ने आरोपी की परिस्थितियों पर भी विचार किया। अदालत ने कहा कि दोषी का कोई अन्य आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह पूरे मुकदमे के दौरान न्यायिक हिरासत में रहा। उसके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं तथा उसके सुधार की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

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इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने माना कि यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी में नहीं आता, इसलिए दोषी को फांसी की सजा देने के बजाय उम्रकैद की सजा सुनाई गई। साथ ही, अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल करने के मामले में भी उसे दोषी ठहराया गया।