LATEST NEWS

  • Bihar MLC Election
  • Bihar MLC Election: पटना स्नातक सीट पर सियासी घमासान, अनंत सिंह के समर्थन पर नीरज कुमार का तंज,

  • Vaishali Boat Tragedy
  • वैशाली नाव हादसा: एक ही परिवार के सात बच्चों समेत 13 की मौत से उजड़ा गांव, प्रशासन ने

  • Patna Encounter
  • Patna Encounter : पटना में सुबह-सुबह धांय-धांय! पुलिस-STF की अपराधी से मुठभेड़, कुख्यात को एनकाउंटर में पुलिस

  • Gopalganj Fire Accident: गोपालगंज में गैस रिसाव के बाद भीषण अग्निकांड, 17 लोग झुलसे, दो मासूमों की मौत से मचा कोहराम
  • Gopalganj Fire Accident: गोपालगंज में गैस रिसाव के बाद भीषण अग्निकांड, 17 लोग झुलसे, दो मासूमों की मौत

  • Raghopur Boat Tragedy
  • राघोपुर नाव हादसा: 13 मौतों के बाद भी उलझा सवाल-नाव सरकारी थी या प्राइवेट? डीएम के बयान पर

ममता सरकार बनाम चुनाव आयोग: IAS-IPS अधिकारियों के तबादले के खिलाफ TMC पहुंची हाई कोर्ट, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बनाया पक्षकार

पश्चिम बंगाल में चुनावों की घोषणा के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। चुनाव आयोग द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के सामूहिक तबादले के खिलाफ टीएमसी ने कोलकाता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

ममता सरकार बनाम चुनाव आयोग: IAS-IPS अधिकारियों के तबादले के

N4N Desk - पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की घोषणा के तत्काल बाद निर्वाचन आयोग (EC) द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने कानूनी रूप ले लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कई आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादले के आदेश को चुनौती दी है। पार्टी का तर्क है कि चुनाव आयोग का यह कदम प्रशासनिक ढांचे में अनावश्यक हस्तक्षेप है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बनाया गया प्रतिवादी

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात वकील कल्याण बनर्जी ने इस कानूनी लड़ाई की कमान संभाली है। उन्होंने अपनी याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को व्यक्तिगत तौर पर पक्षकार (प्रतिवादी) बनाया है। बनर्जी ने मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया है।

Diarch GO

राज्य सरकार से परामर्श न करने पर उठे सवाल

याचिका में मुख्य रूप से इस बात पर आपत्ति जताई गई है कि तबादले का इतना बड़ा निर्णय लेने से पहले निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से कोई परामर्श नहीं किया। टीएमसी समर्थित वकीलों का कहना है कि मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) जैसे शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों को बिना किसी ठोस आधार या संवाद के हटाना संघीय ढांचे की मर्यादा के खिलाफ है। इस मामले पर अगले सप्ताह की शुरुआत में सुनवाई होने की संभावना है।

चुनाव घोषणा के चंद घंटों बाद हुई थी कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि 15 मार्च को बंगाल विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के कुछ ही घंटों के भीतर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया था। आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के नाम पर राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी कर दिया था। आयोग के इस 'सुपर-एक्टिव' मोड ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी को नाराज कर दिया है।

NSIT
Nsmch

दो चरणों में होगा बंगाल का रण

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। राज्य में इस बार दो चरणों में मतदान होना तय हुआ है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होगा। पूरे देश की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जो बंगाल की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेगी। तब तक, आयोग और सरकार के बीच यह कानूनी खींचतान जारी रहने के आसार हैं।