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Gyanvapi Case Latest Update:वाराणसी में ज्ञानवापी मामले पर आपसी समझौते की कोशिश नाकाम,अब कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें

सुप्रीम कोर्ट की पहल और निर्देश पर ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवादों को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश फेल हो गई है। वाराणसी में मंगलवार को आयोजित पहली बैठक ही 20 मिनट भी नहीं चल सकी।

Gyanvapi Case Latest Update meeting inconclusive court verdi
ज्ञानवापी विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिशें नाकाम- फोटो : news 4 nation

वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की दिशा में की गई एक महत्वपूर्ण पहल आखिरकार बेनतीजा रही. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत वाराणसी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में वादी और प्रतिवादी पक्ष के बीच सुलह-समझौते के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में दोनों पक्षों के अधिवक्ता और संबंधित पक्षकार मौजूद रहे.सुप्रीम कोर्ट की पहल और निर्देश पर ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवादों को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश फेल हो गई है. वाराणसी में मंगलवार को आयोजित पहली बैठक ही 20 मिनट भी नहीं चल सकी.

अदालत के फैसले पर टिका अंतिम समाधान

बैठक के समाप्त होने के बाद दोनों ही पक्षों ने यह साफ कर दिया कि इस बेहद संवेदनशील मामले का अंतिम और स्थाई समाधान केवल न्यायालय के फैसले से ही संभव है. वादी पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ इस वार्ता में हिस्सा लिया था, लेकिन कोई साझा रास्ता नहीं निकल पाया. उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत साक्ष्यों, दस्तावेजों और कानूनी तथ्यों के आधार पर जो भी निर्णय देगी, वह उन्हें स्वीकार होगा.

प्रतिवादी पक्ष ने भी न्यायिक प्रक्रिया को बताया रास्ता

दूसरी तरफ, प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता रईस अहमद ने भी स्वीकार किया कि इस बैठक से कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के अपने-अपने कानूनी और तथ्यात्मक तर्क हैं, जिन्हें पहले से ही अदालत के समक्ष रखा जा रहा है. ऐसे में इस ऐतिहासिक और धार्मिक संवेदनशीलता वाले विवाद का निपटारा केवल न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पक्ष आगे भी अदालत में पूरी मजबूती के साथ अपनी दलीलें पेश करता रहेगा.


सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

ज्ञानवापी विवाद की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर और उसके आसपास प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें पूरे समय मौके पर मुस्तैद रहीं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई. सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच यह पूरी बैठक शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई खबर सामने नहीं आई.

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अब भविष्य की कानूनी सुनवाई पर टिकी निगाहें

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की मंशा थी कि यदि दोनों पक्ष आपसी तालमेल से किसी सर्वमान्य समाधान पर पहुंच जाते हैं, तो लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का शांतिपूर्ण निपटारा हो सकता था. हालांकि, इस बैठक के असफल होने के बाद अब सुलह के रास्ते बंद नजर आ रहे हैं. अब ज्ञानवापी मामले से जुड़े सभी पक्षों, कानूनी विशेषज्ञों और आम जनता की निगाहें अदालत की आगामी सुनवाइयों पर टिक गई हैं, जहां इस मामले की आगे की कानूनी लड़ाई जारी रहेगी.