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11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को सरकार देगी 1.5 लाख रुपये, जानें किन छात्राओं की चमकेगी किस्मत

11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को 1.5 लाख रुपये तक की भारी-भरकम वित्तीय सहायता दी जा रही है। यह सहायता केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्नातक और स्नातकोत्तर तक भी जारी रह सकती है।

11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को सरकार देगी 1.5 लाख

N4N Desk : आर्थिक तंगी अब मेधावी बेटियों की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी। सरकार की एक विशेष योजना के तहत 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को 1.5 लाख रुपये तक की भारी-भरकम वित्तीय सहायता दी जा रही है। यह सहायता केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्नातक और स्नातकोत्तर तक भी जारी रह सकती है।

क्या है 'मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना'?

शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई 'मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना' मेधावी बालिकाओं के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरी है. वर्ष 2015-16 में शुरू हुई इस योजना के तहत राजकीय (सरकारी) विद्यालयों में पढ़ने वाली उन छात्राओं को वित्तीय मदद दी जाती है जो अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ना चाहती हैं. इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी मेधावी बेटी धन के अभाव में अपनी पढ़ाई न छोड़े.

किसे मिलेगा लाभ: चयन की प्रक्रिया

इस योजना का लाभ हर जिले की चार चुनिंदा बालिकाओं को मिलता है जो राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत हों. चयन के मानकों के अनुसार, 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली दो मेधावी छात्राएं इसके लिए पात्र होती हैं. इनके अलावा, जिले की एक बीपीएल (BPL) श्रेणी की छात्रा और एक अनाथ बालिका को भी इस योजना में शामिल किया जाता है, बशर्ते उन्होंने बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों.

वित्तीय सहायता का विवरण: 1.15 लाख रुपये सालाना मदद

योजना की नोडल एजेंसी 'बालिका शिक्षा फाउंडेशन' के माध्यम से चयनित छात्राओं को कक्षा 11 और 12 में नियमित पढ़ाई या व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) के लिए हर साल अधिकतम 1,15,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं. यह राशि बालिकाओं के शैक्षणिक खर्चों को कवर करने के लिए पर्याप्त होती है ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें.

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फीस और स्टेशनरी के लिए अलग से बजट

इस योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है. इसमें स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़ी अन्य आवश्यक सामग्रियों के लिए सालाना 15,000 रुपये दिए जाते हैं. इसके साथ ही, स्कूल, कोचिंग या हॉस्टल की फीस के खर्च के लिए सरकार द्वारा 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाती है.

उच्च शिक्षा तक मिलती है मदद

योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह केवल स्कूली शिक्षा तक ही सीमित नहीं है. यदि छात्रा अपनी पढ़ाई जारी रखती है, तो यह वित्तीय सहायता ग्रेजुएशन (स्नातक) और पोस्ट ग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) स्तर तक भी मिल सकती है. यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि बेटियां न केवल स्कूल पूरा करें बल्कि उच्च शैक्षणिक योग्यता भी हासिल करें