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राजस्थान में मौत का तांडव: अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 8 लोग जिंदा जले; पॉलीथीन में समेटने पड़े क्षत-विक्षत शव

राजस्थान के झुंझुनू जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाके के कारण कई लोगों की जान चली गई।इसमें 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया है।

Death toll in Rajasthan Explosion at illegal firecracker fac
राजस्थान में मौत का तांडव: अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 8 लोग जिंदा जले- फोटो : news 4 nation

राजस्थान के झुंझुनू जिले में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस भीषण अग्निकांड में 8 लोग जिंदा जल गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया और आसपास के घरों की खिड़कियाँ तक चटक गईं।

अवैध पटाखा निर्माण का खुलासा

शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस केमिकल फैक्ट्री की आड़ में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री यहाँ जमा की गई थी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्री के पास पटाखा बनाने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था, जो इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बना।

क्षत-विक्षत शवों को बटोरने की मजबूरी

धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शरीर के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। स्थिति इतनी वीभत्स थी कि बचाव कर्मियों को पॉलीथीन की थैलियों में बॉडी पार्ट्स (शवों के टुकड़े) इकट्ठा करने पड़े। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद केवल काला धुआं और चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।

प्रशासन और राहत कार्य की स्थिति

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

लापरवाही और सुरक्षा पर उठते सवाल

इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों के पास चल रही अवैध फैक्ट्रियों और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी फैक्ट्री में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है।